अलीगढ़, 26 मई। विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के सुरक्षित आवागमन और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर मंगलवार को ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) धनीपुर में विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। पुलिस अधीक्षक यातायात प्रवीण कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला में विद्यालय प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों एवं ग्राम प्रधानों ने प्रतिभाग कर परिवहन सुरक्षा से जुड़े विषयों पर चर्चा की।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए एसपी ट्रैफिक प्रवीण कुमार ने कहा कि छात्र-छात्राओं का सुरक्षित और सुव्यवस्थित आवागमन शासन-प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा के सभी निजी, शासकीय और अर्द्धशासकीय विद्यालयों में परिवहन सुरक्षा समिति का गठन कर उसकी नियमित बैठकें आयोजित कराई जाएं। इससे विद्यालय स्तर पर बच्चों को सड़क सुरक्षा नियमों और दुर्घटनाओं से बचाव के प्रति जागरूक किया जा सकेगा।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) प्रवेश कुमार ने विद्यालय प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों से अपील करते हुए कहा कि स्कूलों से संबद्ध सभी वाहनों की फिटनेस, सुरक्षा उपकरण और आवश्यक मानकों को पूर्ण कराया जाए। साथ ही चालक और परिचालक के चरित्र प्रमाण पत्र तथा अन्य जरूरी दस्तावेजों को अद्यतन रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि असुरक्षित परिवहन व्यवस्था कई बार गंभीर हादसों का कारण बनती है, इसलिए समय रहते खामियों को दूर करना जरूरी है।
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. पूरन सिंह और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राकेश कुमार सिंह ने माध्यमिक एवं प्राथमिक विद्यालयों में परिवहन सुरक्षा समितियों के गठन तथा नियमित बैठकों की रिपोर्ट समय से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
यातायात निरीक्षक विनय सागर शुक्ला ने कार्यशाला में सड़क सुरक्षा उपायों के साथ ‘राहवीर योजना’ की जानकारी देते हुए बताया कि यदि कोई जागरूक नागरिक सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाता है तो उसे 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाता है और अस्पताल में उससे अनावश्यक पूछताछ नहीं की जाती।
कार्यशाला में धनीपुर ब्लॉक के विभिन्न ग्राम प्रधान, विद्यालय प्रबंधक और प्रधानाचार्य मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला व्यायाम शिक्षक सुशील कुमार शर्मा ने किया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने और विद्यालय परिवहन व्यवस्था को अधिक जिम्मेदार एवं सुरक्षित बनाना रहा।





















