जिला नजर संवाददाता
अलीगढ़: जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत कलैक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में बताया गया कि क्षय रोग उन्मूलन अभियान के तहत टीबी मरीजों को बेहतर पोषण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित पोषण पोटली योजना प्रभावी साबित हो रही है।
वर्ष 2024 से अब तक जिले में कुल 63,293 पोषण पोटलियों का वितरण किया जा चुका है, जिससे उपचाराधीन मरीजों को पोषण संबंधी सहायता मिल रही है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीरज त्यागी ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में वर्तमान समय में 11,695 टीबी मरीजों का उपचार किया जा रहा है। इनमें अन्य जिलों से स्थानांतरित होकर आए 1,730 मरीज भी शामिल हैं।
टीबी रोग की शीघ्र पहचान एवं जांच के लिए जिले में 37 लैब, 4 सीबी नाट, 15 ट्रू नॉट मशीन से बलगम की जांच भी की जा रही हैं, जिससे मरीजों को समय पर जांच एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध हो रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में 19,650, वर्ष 2025 में 35,493 तथा वर्ष 2026 में अब तक 8,150 पोषण पोटलियों का वितरण किया गया है।
जिलाधिकारी ने समीक्षा के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि टीबी मरीजों के लिए पोषण पोटली की व्यवस्था निरंतर बनाए रखी जाए, ताकि उपचार के दौरान किसी भी मरीज को पोषण संबंधी परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन की दिशा में डॉट्स प्रोग्राम को और अधिक प्रभावी बनाते हुए अधिकाधिक मरीजों को इससे जोड़ा जाए।
सीडीओ योगेंद्र कुमार ने बताया कि टीबी मुक्त ग्राम योजना के तहत जिला लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। वर्ष 2023 में 10, वर्ष 2024 में 136 तथा वर्ष 2025 में 97 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त ग्राम पंचायत घोषित किया जा चुका है।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए जनसहभागिता, समय पर जांच, नियमित उपचार और पौष्टिक आहार की उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्वास्थय विभाग को अभियान को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।





















