डेटा अपडेट न होने पर डीपीएम को फटकार, एमओआईसी को कार्यशैली सुधारने की चेतावनी
संचारी रोग नियंत्रण के लिए फॉगिंग व एंटी लार्वा अभियान तेज करने के निर्देश
जिला नजर संवाददाता
अलीगढ़: जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को कलैक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थय समिति, संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थय सेवाएं पहुंचाना स्वास्थय विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता अपनाकर न केवल बीमारियों से बचा जा सकता है, बल्कि परिवार की आय का बड़ा हिस्सा उपचार पर खर्च होने से भी बचाया जा सकता है। संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान की समीक्षा करते हुए उन्होंने संबंधित विभागों को शासन की गाइडलाइन के अनुरूप प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आरसीएच पोर्टल की समीक्षा में जिलाधिकारी ने पाया कि सामुदायिक स्वास्थय केंद्रों पर संस्थागत प्रसव की प्रगति अपेक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थय सेवाओं की जिम्मेदारी एमओआईसी के कंधों पर है, इसलिए वे जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।
सीएमओ को आरसीएच पोर्टल नियमित रूप से अपडेट रखने के निर्देश दिए गए। हाई रिस्क प्रेगनेंसी की समीक्षा में बिजौली, गोंडा और लोधा ब्लॉक की प्रगति संतोषजनक न पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को कार्य सुधार की चेतावनी दी गई।
सुरक्षित मातृत्व अभियान का डेटा उपलब्ध न कराए जाने पर जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम प्रबंधक को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को अपनी योजनाओं की पूरी जानकारी होनी चाहिए और अगली बैठक में किसी भी प्रकार की डेटा त्रुटि स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि योजनाओं के लिए प्राप्त धनराशि का उपयोग जनहित में प्रभावी ढंग से किया जाए। डीएम ने कहा कि गंभीर गर्भवती महिलाओं को तत्काल जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाए ताकि समय रहते उचित उपचार उपलब्ध कराया जा सके और मातृ मृत्यु दर में कमी लाई जा सके।
समीक्षा के दौरान पाया गया कि ईएनटी विभाग में ओपीडी की संख्या 100 से अधिक होने के बावजूद सर्जरी अपेक्षाकृत कम हो रही हैं।
इस पर जिलाधिकारी ने संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कर सर्जरी बढ़ाने के निर्देश दिए। वहीं दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में अपेक्षाकृत कम डिलीवरी होने पर सीएमएस को व्यवस्थाओं में सुधार करने के निर्देश दिए गए। राष्ट्रीय बाल स्वास्थय कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के 2,552 प्राथमिक विद्यालयों एवं 3,051 आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों का स्वास्थय परीक्षण किया जा रहा है।
आवश्यकता पड़ने पर बच्चों को उच्च स्वास्थय केंद्रों पर रेफर कर उपचार एवं सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
नियमित टीकाकरण की समीक्षा में एमओआईसी को सेशन प्लानिंग सुदृढ़ करने, यू-विन पोर्टल अपडेट रखने तथा टीडी प्लस बूस्टर, बीसीजी एवं पेंटा-1 टीकाकरण में कम प्रगति वाले ब्लॉकों में सुधार लाने के निर्देश दिए गए।
परिवार नियोजन कार्यक्रम में 81 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति पर चालू वित्तीय वर्ष में और बेहतर प्रदर्शन के निर्देश दिए गए।
वेक्टर जनित रोगों की समीक्षा में बताया गया कि अप्रैल माह में मलेरिया के दो मरीज पाए गए हैं, जबकि वर्तमान वर्ष में अभी तक डेंगू का कोई मरीज नहीं मिला है।
जिलाधिकारी ने नगर निगम एवं पंचायतीराज विभाग को फॉगिंग और एंटी लार्वा गतिविधियों को पूरी क्षमता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए।
राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत गत वर्ष 60,500 मोतियाबिंद ऑपरेशन किए गए। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत 11 लाख 10 हजार 333 लाभार्थियों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है तथा जिले में 66 निजी अस्पताल पंजीकृत हैं।
आभा आईडी निर्माण में प्रगति बढ़ाने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सभी एमओआईसी स्वयं नेतृत्व करें। जिले में कार्यरत 278 सीएचओ की रेंडम जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा अनुपस्थित पाए जाने पर वेतन कटौती के निर्देश भी दिए गए।
आशा कार्यकर्ताओं के भुगतान की समीक्षा में अतरौली क्षेत्र की काजिमाबाद आशा द्वारा अप्रैल माह में सर्वाधिक 11,975 रुपये प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने पर सराहना की गई।
जिलाधिकारी ने प्रत्येक एमओआईसी को 10 मॉडल आशा तैयार करने के निर्देश दिए, जबकि न्यूनतम प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के मामले में अकराबाद के संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।
बैठक में सीडीओ योगेंद्र कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीरज त्यागी सहित सभी सीएमएस और स्वास्थय विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।





















