फतेहपुर सीकरी/आगरा। कस्बा के नगला मालियां में स्थित प्राचीन काली माता मंदिर में 68 लाख की लागत से कराई गई अवस्था अपना विकास कार्यों का लोकार्पण सांसद राजकुमार चाहर ने किया इस मौके पर उन्होंने कहा कि सीकरी की विकास कार्यों के लिए वह हमेशा तत्पर हैं प्रस्ताव मिलने पर केंद्र व प्रदेश सरकार से मंजूरी दिलाने का कार्य करेंगे।
नगला मालियां स्थित काली माता मंदिर पर विकास कार्यों के लोकार्पण के मौके पर सांसद राजकुमार चाहर ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि गुड्डू चाहर पालिका अध्यक्ष शबनम मोहम्मद इस्लाम ने फीता काटकर एवं लोकार्पण पत्रिका की पर्दा हटाकर किया।
इस मौके पर आयोजित समारोह में सांसद राजकुमार चाहर ने कहा कि वे सीकरी क्षेत्र में पानी की कमी की समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार से 4000 करोड़ की गंगाजल योजना लेकर आए हैं जो अगले वर्ष तक सुचारू रूप से प्रारंभ हो जाएगी इस मौके पर उन्होंने कहा कि दुल्हारा रोड पर ओवरब्रिज एवं दूर रोड पर ओवर ब्रिज एवं फोर वे मार्ग निर्माण संतोष नगर पर फुट ओवर ब्रिज के निर्माण के लिए भी रेल मंत्री से मिलेंगे।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि काफी समय से बंद पड़ी सेटल ट्रेन को भी चलवाने के लिए प्रयास किए जाएंगे उन्होंने कहा कि काली माता मंदिर के साथ ही कस्बे के प्राचीन जय श्री राम मंदिर के विकास के लिए भी प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा जा चुका है जिसको शीघ्र ही स्वीकृति मिलने पर काम शुरू हो जाएगा।
इस मौके पर चेयरमैन प्रतिनिधि मोहम्मद इस्लाम ने कहा कि सांसद जी के द्वारा किए गए प्रयासों के चलते ही काली माता मंदिर के विकास कार्य हो सके हैं साथ ही कहा की अन्य प्रस्ताव भी वे सांसद जी को सौंप रहे हैं जिन पर शीघ्र ही अमल किए जाने की मांग की।
कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि गुड्डू चार ने कहा कि सांसद राजकुमार चाहर जी के द्वारा किए गए प्रयासों के चलते क्षेत्र में काफी विकास कार्य हुए हैं इस मौके पर सांसद राजकुमार चाहर का 51 किलो की माला साफा बांधकर चांदी का मुकुट पहनकर स्वागत व सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में पूरन सिंह सैनी ने अध्यक्षता की एवं नारायण सिंह सैनी, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि गुड्डू चाहर, विनोद सांवरिया, मुरारीलाल गोयल, अफसर पहलवान, मनीष बंसल, हनी गोयल, प्रतिमा सिंह, बंटी प्रधान, मुरारी वीरेंद्र प्रताप सिंह वीरेंद्र प्रताप सिंह,ताराचंद, अलीम चौधरी, डॉक्टर एस एस खान, शाहिद अहमद, नरेश चंद कोली, मुरारी लाल सैनी आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।





















