जिला प्रशासन छाया, शीतल पेयजल और अन्य हीट वेब राहत कार्यों में जुटा
• गोविन्द पाराशर– संवाददाता आगरा
आगरा। जिले में चल रहे भीषण गर्मी के प्रकोप ने एक व्यक्ति की जान ले ली। चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के थपेड़ों ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर रखा है।
आगरा में मंगलवार को भी आसमान से आग बरसी। सुबह से ही सूरज की तीखी किरणों ने पसीना छुड़ाया। सुबह 10:30 बजे से लू चलने लगी। तेज धूप और लू में घर से बाहर निकलने पर त्वचा झुलस गई। आंखों में जलन का अहसास हुआ। मौसम विभाग ने लगातार दूसरे दिन अलर्ट संदेश जारी करते हुए अगले 24 घंटों में भी भीषण लू चलने की चेतावनी
एत्मादपुर क्षेत्र में कुबेरपुर कट पर भीषण गर्मी के कारण कानपुर निवासी 36 वर्षीय विनोद कुमार शर्मा की मौत हो गई। कानपुर में डाक बंगला के पास रहने वाले और अजमेर में एक मसाला फैक्ट्री में सेल्स मैनेजर विनोद कुमार शर्मा अजमेर से कानपुर जा रहे थे।
विनोद दोपहर तीन बजे कुबेरपुर कट पर बस से उतरने के बाद कानपुर जाने वाली बस की प्रतीक्षा कर रहे थे। इसी दौरान तेज गर्मी लगने से वह एक खोखे के पास में पड़े तख्त पर बैठ गए। वहां बैठे-बैठे ही उनकी मौत हो गई। मृतक के परिजन मंगलवार को शव को पोस्टमार्टम गृह से साथ ले गए।
उन्होंने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव परिजनों को सौंप दिया। गर्मी के कारण दिनभर करीब 20-30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से लू चली। इससे दोपहर के समय सड़कों पर आम दिनों की अपेक्षा कम लोग नजर आए। तेज धूप और लू की वजह से सिर चकराना, बैचेनी का अनुभव हुआ।
इस बीच जिलाधिकारी मनीष बंसल ने लोगों से अपील की है कि वे अत्यधिक सावधानी बरतें। शाम चार बजे तक बीमार, बुजुर्गों और बच्चों को घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। अत्यधिक गर्मी से बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने के उपाय सुझाए गए हैं।
उन्होंने नागरिकों से अनुरोध किया कि भीषण गर्मी में स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें, पर्याप्त मात्रा में नींबू पानी पीएं, धूप में बाहर निकलते समय सिर को कपड़े से ढक कर रखें, ओआरएस, ग्लूकोज, तरल पदार्थों का सेवन करें।
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रदेश के राहत आयुक्त द्वारा 33 लाख रुपये की राशि जारी की गई है जिससे सभी नगरीय निकायों में छाया, शीतल पेयजल तथा अन्य हीट वेब राहत कार्यों को कराया जा रहा है।
सभी संबंधित विभागों को उपयुक्त तैयारियां करने हेतु निर्देशित किया गया है। सभी अस्पतालों में आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने हेतु विशेष वार्डों की स्थापना करने, डॉक्टरों के उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सभी निराश्रित गौ आश्रय स्थलों पर शीतल पेयजल, छाया, हरे चारे की समुचित व्यवस्था करने को निर्देश दिए गए हैं।





















