रिपोर्ट – मु. इसरार खान
रायसेन/मप्र। मध्य प्रदेश के रायसेन में सांची रोड पर हुए सड़क हादसे ने स्वास्थ्य व्यवस्था की प्राथमिकताओं पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। हादसे में गंभीर रूप से घायल पत्रकार दीपक सोनी की शनिवार शाम इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि समय पर एंबुलेंस न मिलने की वजह से उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
जानकारी के मुताबिक, हादसे के बाद दीपक सोनी को जिला अस्पताल लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें भोपाल रेफर किया गया। लेकिन रेफर के बाद करीब 2 से 3 घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार करना पड़ा। हालत बिगड़ती देख परिजन (पत्नी) उन्हें निजी वाहन से भोपाल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि जिस समय यह घटना हुई, उस वक्त जिले में Mohan Yadav की सभा आयोजित थी। इसी वजह से प्रशासनिक अमला और अस्पताल की एंबुलेंस सेवाएं वीआईपी ड्यूटी में लगी हुई थीं, जिसके चलते आपात स्थिति में भी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी।
अस्पताल प्रशासन ने भी स्वीकार किया है कि सभी एंबुलेंस व्यस्त थीं और तत्काल कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो पाई। इस खुलासे के बाद परिजनों में भारी नाराजगी है और उन्होंने इसे घोर लापरवाही करार देते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या वीआईपी कार्यक्रमों के चलते आम लोगों की जान जोखिम में डाली जा रही है।























