• गोविन्द पाराशर– संवाददाता आगरा
आगरा। नेशनल चैम्बर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स यूपी के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को मंडलायुक्त नगेन्द्र प्रताप से मुलाकात कर उद्योगों की समस्याओं को पुरजोर तरीके से रखा। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि ताज संरक्षित क्षेत्र में व्हाइट कैटेगिरी व गैर प्रदूषणकारी उद्योगों की स्थापना हेतु वर्तमान में विद्युत विभाग द्वारा विद्युत के नये कनेक्शन नहीं दिये जा रहे हैं जबकि सर्वोच्च न्यायालय के अनुपालन में न तो नये उद्योग लाये जा रहे हैं और न ही उद्योगों का विस्तारीकरण किया जा रहा है।
इसी क्रम में अगर कोई इंडस्ट्रीज गैस जेनरेटर द्वारा मशीनों को संचालित कर रही है और उसके प्रदूषण अनापत्ति पत्र में गैस जेनरेटर भी सम्मिलित है, वर्तमान में गैस जेनरेटर चलन से बाहर हो जाने के कारण फर्म स्वामी द्वारा विद्युत कनेक्शन हेतु आवेदन किये जाने पर विद्युत विभाग द्वारा उसको ताज संरक्षित क्षेत्र का हवाला देकर उसको नया विद्युत कनेक्शन नहीं दिया जाता है जबकि फर्म स्वामी द्वारा फर्म का विस्तारीकरण नहीं किया गया है, फर्म स्वामित्व व उत्पाद भी पूर्ववत् होता है।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सर्वोच्च के आदेशानुसार विद्युत कनेक्शन नहीं दिये जाने पर किसी भी प्रकार की कोई रोक नहीं है। ब्रश उद्योग, हैंड्रीक्राफ्ट उद्योग आदि जिसमें किसी भी प्रकार से वायु प्रदूषण नहीं होता है उनकों भी विद्युत विभाग द्वारा विद्युत कनेक्शन नहीं दिये जा रहे हैं।
वर्तमान में विषम परिस्थितियों के कारण उद्योगों में प्रयुक्त होने वाली गैस में गेल गैस द्वारा कटौती की जा रही है जिसके कारण आगरा के उद्योगों के संचालन में समस्या आ रही है। अतः आगरा के उद्योगों को वैकल्पिक ईधन के रूप में विद्युत कनेक्शन दिये जायें जिससे आगरा के उद्योग सुचारू रूप से संचालित हो सकें।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि आगरा को 11 लाख घन मीटर गैस आवंटित की गयी है जिसमें पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा किसी भी प्रकार का कोई कट नहीं है परन्तु गेल गैस द्वारा आगरा की गैस उपभोक्ता इकाइयों को लगातार तीन माह से ओवरड्राल के प्रोविजनल बिल प्राप्त हो रहे हैं।
चैम्बर द्वारा उक्त समस्या के निस्तारण हेतु लगातार पत्राचार किया जा रहा है लेकिन गेल गैस द्वारा इस संबंध में कोई संतोषजनक उत्तर नहीं जा रहा है जिससे आगरा की गैस उपभोक्ता इकाइयों के समक्ष विकट समस्या उत्पन्न हो गयी है। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि गैस उपभोक्ता इकाइयों को राहत देने हेतु एक आपात बैठक गेल गैस अधिकारियों के साथ आयोजित करवायी जाये।
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने यूपीसीडा द्वारा 01 जनवरी 2025 से लिए जा रहे शुल्कों भी अप्रासंगिक बताया। ₹35 प्रति वर्ग मीटर शुल्क की मांग यूपीसीडा द्वारा की गई है।
जबकि प्रदेश के उद्योग प्रोत्साहन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी जी द्वारा प्रयागराज में 55 रुपये के स्थान पर 21 रूपये वर्गमीटर रख-रखाव शुल्क कर दिया गया है। प्रतिनिधिमंडल ने सेटेलाइट बस अड्डा के निर्माण का मुद्दा भी उठाया।
मंडलायुक्त ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया गया कि शीघ्र ही एक बैठक गेल गैस के
अधिकारियों के साथ मंडलायुक्त की अध्यक्षता में चैम्बर के साथ आयोजित की जायेगी। विद्युत कनैक्शन देने के संबंध में कहा कि 01 जून को टीटीजेेड समिति की बैठक होने जा रही है जिसमें चैम्बर द्वारा विद्युत कनैक्शन न दिये जाने की समस्या पर बैठक में चर्चा की जाएगी।
प्रतिनिधिमंडल में चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल, अम्बा प्रसाद गर्ग, विनय मित्तल, सीताराम अग्रवाल, मनीष अग्रवाल व प्रशांत जैन उपस्थित





















