मथुरा ।मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में 01 जनवरी 2026 से 31 जनवरी 2026 तक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का आयोजन किया जा रहा है, जिसे इस वर्ष “जीरो फैटेलिटी माह” के रूप में मनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में मंगलवार को राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के 27वें दिवस पर “सड़क सुरक्षा–जीवन रक्षा” थीम के अंतर्गत सरकार की दो अत्यंत महत्वाकांक्षी योजनाओं — राहवीर योजना और कैशलेस उपचार योजना — की विस्तृत जानकारी आमजन को दी गई।
वरिष्ठ सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) श्री राजेश राजपूत के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में बताया गया कि सड़क दुर्घटना के दौरान अक्सर लोग कानूनी झंझट और पुलिस पूछताछ के डर से घायल की मदद करने से पीछे हट जाते हैं। इस मानसिकता को बदलने के उद्देश्य से सरकार ने राहवीर योजना की शुरुआत की है।
मदद करने वालों को मिलेगा सम्मान और इनाम
राहवीर योजना के अंतर्गत यदि कोई व्यक्ति सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को दुर्घटना के गोल्डन ऑवर (पहले 60 मिनट) के भीतर अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाता है, तो उसे सरकार की ओर से ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। साथ ही मददगार व्यक्ति को किसी भी प्रकार की पुलिस या अस्पताल की पूछताछ से परेशान नहीं किया जाएगा और न ही उसकी पहचान उजागर करने के लिए बाध्य किया जाएगा। वर्ष भर में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शीर्ष 10 राहवीरों को राष्ट्रीय स्तर पर ₹1,00,000 के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
कैशलेस उपचार योजना से इलाज में नहीं बनेगा पैसा बाधा
सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को त्वरित और प्रभावी उपचार उपलब्ध कराने के लिए सरकार द्वारा कैशलेस उपचार योजना को पूरे देश में लागू किया गया है। इस योजना के तहत प्रत्येक दुर्घटना पीड़ित को अस्पताल में भर्ती होने के बाद पहले 7 दिनों तक ₹1.5 लाख रुपये तक का मुफ्त कैशलेस इलाज प्रदान किया जाएगा। यह सुविधा सभी सरकारी अस्पतालों एवं आयुष्मान भारत से जुड़े निजी अस्पतालों में उपलब्ध होगी। अस्पतालों को बिना पुलिस रिपोर्ट या अग्रिम भुगतान के तुरंत इलाज शुरू करना अनिवार्य होगा, जिसकी प्रतिपूर्ति सीधे सरकार द्वारा की जाएगी।
इस अवसर पर श्री राजेश राजपूत ने जनता से अपील करते हुए कहा कि “सड़क सुरक्षा केवल नियमों के पालन का विषय नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं से भी जुड़ा है। राहवीर योजना और कैशलेस उपचार जैसी पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति आर्थिक तंगी या कानूनी भय के कारण सड़क पर तड़पकर दम न तोड़े। हम सभी से आग्रह करते हैं कि आगे आएं और एक ‘राहवीर’ बनें।”
उन्होंने आमजन से अपील की कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में तुरंत 112 नंबर पर कॉल करें और घायल की सहायता करें। आपकी एक छोटी सी पहल किसी की अनमोल जान और पूरे परिवार को उजड़ने से बचा सकती है।























