दैनिक जिला नज़र संवाददाता
आगरा। आगरा के कलाल खेरिया क्षेत्र में स्थित प्राचीन तालाब पूरी तरह सूख चुका है। कभी यह तालाब पूरे गाँव के पानी का मुख्य स्रोत हुआ करता था, जिससे आसपास के क्षेत्र का भूजल स्तर लगभग 130 फीट पर बना रहता था। लेकिन अब गाँव का लाखों लीटर पानी रोजाना सीवर लाइन के माध्यम से सीधे यमुना नदी में भेजा जा रहा है, जिससे क्षेत्र का जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार पहले गाँव का बरसाती और नाली का पानी तालाब में आता था, जिससे भूजल रिचार्ज होता रहता था। लेकिन स्मार्ट सिटी परियोजना के बाद पानी की निकासी सीवर लाइन से यमुना में कर दी गई। इसका असर यह हुआ कि अब क्षेत्र का वाटर लेवल 160 से 180 फीट तक पहुँच गया है। पिछले 2 वर्षों में बड़ी तेजी से भूजल स्तर कम हुआ है, जिससे क्षेत्र में पानी की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है।
बरसात के दौरान मीडिया में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन द्वारा 5 इंच की पाइप के माध्यम से कुछ ओवरफ्लो पानी तालाब में छोड़ा गया था, जिससे लगभग डेढ़ से दो फीट पानी भर पाया था। लेकिन स्थायी व्यवस्था न होने के कारण तालाब फिर पूरी तरह सूख गया।
संकल्प मानव सेवा संस्था के अध्यक्ष उमेंद्र राजपूत ने बताया कि जल के लगातार गिरते स्तर से क्षेत्र में पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में हैंडपंप पूरी तरह बंद हो चुके हैं और सबमर्सिबल भी बड़ी मुश्किल से चल रहे हैं। लोगों को रोजमर्रा के उपयोग के लिए पानी जुटाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यदि समय रहते तालाब में दोबारा प्राकृतिक जल प्रवाह की व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले समय में हजारों लोगों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ेगा।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस समस्या से लगभग 20 हजार लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। क्षेत्र में जलस्तर लगातार गिरता जा रहा है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और स्मार्ट सिटी अधिकारियों से मांग की है कि तालाब में पुनः पानी लाने की स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि भूजल स्तर सुधर सके और क्षेत्र को जल संकट से बचाया जा सके।
इस दौरान चिंता जताने वालों में उमेंद्र राजपूत, छीतर सिंह, नारायन सिंह, मनोज मास्टर, प्रकाश राजपूत, संतोष राजपूत, दुर्गेश कुमार, योगेश कुमार, भुवनेश लोधी, जोगेश्वर प्रताप, नंदकिशोर एवं नेत्रपाल सिंह सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।





















