वाराणसी/प्रयागराज। प्रयागराज के झूंसी थाने में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ POCSO एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हो गया है। स्पेशल POCSO कोर्ट (एडीजे विनोद कुमार चौरसिया) के आदेश पर शनिवार रात 23:37 बजे FIR दर्ज की गई। आरोप दो नाबालिगों (14 और 17 वर्षीय) पर यौन शोषण के हैं, जो कथित तौर पर 2025 के कुंभ और 2026 के माघ मेला के दौरान उनके शिविर/गुरुकुल में ‘गुरु सेवा’ के बहाने हुए।
शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज (शाकंभरी पीठाधीश्वर) ने कोर्ट में आवेदन दिया, जिसमें पीड़ितों के बयान और एफिडेविट शामिल हैं। पुलिस ने रविवार को शिकायतकर्ता से मुलाकात कर साक्ष्य जुटाए हैं। जांच में डिजिटल/इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की फोरेंसिक जांच होगी।
शंकराचार्य की पहली प्रतिक्रिया – आरोपों को ‘मनगढ़ंत’ बताया
एक निजी न्यूज़ चैनल को दिए इंटरव्यू में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “हमें प्रहार का अनुमान था, लेकिन गौ-हत्यारे और योगी आदित्यनाथ जैसे लोग इतनी नीचता पर उतर आएंगे, इसकी कल्पना नहीं थी।” उन्होंने इसे ‘धर्मयुद्ध’ करार दिया और आरोप लगाया कि हिस्ट्रीशीटरों के इशारे पर पुलिस अपराधियों को छोड़ साधु-संतों को प्रताड़ित कर रही है।
शंकराचार्य ने दावा किया कि आरोपी बच्चे कभी उनके गुरुकुल में नहीं पढ़े – उनके पास हरदोई के एक स्कूल की मार्कशीट है। माघ मेला क्षेत्र में वॉर रूम से हर जगह CCTV लगे थे, तो आपत्तिजनक फुटेज या ‘सीडी’ क्यों नहीं सार्वजनिक की जा रही? उन्होंने चुनौती दी कि यदि कोई आपत्तिजनक सबूत है, तो सबके सामने लाया जाए।
गिरफ्तारी पर सहयोग का बयान
कानूनी शिकंजा के बीच शंकराचार्य ने कहा, “यदि पुलिस गिरफ्तार करने आएगी, तो कोई विरोध नहीं करेंगे, कानून का पूरा सहयोग करेंगे।” उन्होंने जनता से अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें और तथ्यों को समझें।
विवाद की जड़ – माघ मेला 2026 की घटना
मामला माघ मेला 2026 की मौनी अमावस्या स्नान के दौरान शुरू हुआ, जब शंकराचार्य के काफिले को पुलिस ने रोका था। शिष्यों और पुलिस के बीच नोकझोंक हुई, जिसके बाद आशुतोष ब्रह्मचारी ने मारपीट का आरोप लगाया। बाद में इसे यौन शोषण के संगीन आरोपों में बदल दिया गया। स्वामी ने पहले भी मेला आयोजन में विवादों में रहे हैं और CM योगी पर निशाना साधा है।
पुलिस का रुख
झूंसी थाना पुलिस जांच में सक्रिय है। FIR में POCSO की धारा 3, 4(2), 6, 16, 17, 51 और BNS की संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। आने वाले दिनों में पूछताछ और गिरफ्तारी की संभावना है।





