बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में बच्चों के भविष्य पर डाका डालने वाले ‘शिक्षा माफिया’ का पर्दाफाश हुआ है। सर्व शिक्षा अभियान के तहत सरकारी स्कूलों में मुफ्त बांटी जाने वाली 2026-27 सत्र की हजारों नई किताबें कबाड़ में बेच दी गईं। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने सख्त रुख अपनाते हुए जांच कमेटी गठित की, जिसके बाद पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया और विभाग ने कई कर्मचारियों पर बड़ी कार्रवाई की।
मामला तब सामने आया जब सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कबाड़ी की दुकान पर सरकारी किताबें ट्रक में लदी दिखाई दीं। DM अक्षय त्रिपाठी ने 17 फरवरी को टिप-ऑफ मिलने पर तुरंत संज्ञान लिया और 5 सदस्यीय जांच टीम बनाई। जांच में स्टॉक रजिस्टर से 10 हजार से ज्यादा किताबें गायब पाई गईं। रामगांव थाना क्षेत्र के मेंटूकहा इलाके में कबाड़ी दिलशाद अली के गोदाम से ट्रक (UP21 FT 8485) जब्त किया गया, जिसमें किताबें उत्तराखंड के काशीपुर भेजी जा रही थीं। कुल 13,082 सरकारी किताबें बरामद की गईं, जो मात्र 4 रुपये प्रति किलो के भाव बेची जा रही थीं।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि इस घोटाले का मास्टरमाइंड BSA (बेसिक शिक्षा अधिकारी) कार्यालय का ही अनुचर आलोक मिश्रा था। वह किताबों के रख-रखाव की जिम्मेदारी संभालता था। पूछताछ में पता चला कि लालच में आकर उसने अपने साथियों दिलशाद अली (कबाड़ी), शुभांकर गुप्ता और अर्जुन के साथ मिलकर स्टॉक से किताबें गायब कीं और कबाड़ में बेच दीं। रामगांव पुलिस ने इन चारों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। एक अन्य आरोपी समीर अहमद अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
आरोपियों पर सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ लोगों ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उगाही की कोशिश की, इस एंगल पर भी पुलिस काम कर रही है।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई: DM अक्षय त्रिपाठी के निर्देश पर विभागीय जांच रिपोर्ट के आधार पर –
- दो अनुचरों को निलंबित किया गया।
- तीन संविदा कर्मचारियों की संविदा समाप्त (टर्मिनेट) कर दी गई।
- तीन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर शासन को विभागीय कार्रवाई की संस्तुति भेजी गई।
यह घोटाला सर्व शिक्षा अभियान और गरीब बच्चों के शिक्षा अधिकार पर गंभीर सवाल खड़े करता है। किताबें जो लाखों रुपये की सरकारी लागत से छपती हैं, उन्हें चंद पैसों में बेचना न केवल अपराध है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की साख पर भी दाग है। स्थानीय लोग और अभिभावक अब विभाग से पारदर्शिता और सख्त निगरानी की मांग कर रहे हैं।
DM अक्षय त्रिपाठी ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी और जांच जारी रहेगी। पुलिस ने कहा कि फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।





