मथुरा, वृंदावन।वृंदावन में एक कथावाचक और दिल्ली से आए श्रद्धालु परिवार के बीच हुआ विवाद अब कानूनी रूप लेता जा रहा है। कथावाचक मृदुलकांत शास्त्री और परिवार के बीच कार टक्कर के बाद शुरू हुआ विवाद बढ़कर मारपीट तक पहुंच गया।
घटना के बाद पुलिस ने परिवार की महिलाओं के साथ दो छोटे बच्चों को भी हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए बाल कल्याण समिति (CWC) ने स्वतः संज्ञान लिया और वृंदावन पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
समिति का कहना है कि बच्चों को रातभर थाने में रखना उनके अधिकारों का उल्लंघन हो सकता है। नियमों के अनुसार, यदि महिलाओं या बच्चों को हिरासत में लिया जाता है तो उनके लिए अलग और उचित व्यवस्था होनी चाहिए, न कि सामान्य हवालात।
बताया जा रहा है कि इस घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें बच्चे थाने में जमीन पर सोते नजर आ रहे हैं। परिजनों ने आरोप लगाया है कि उनके साथ और बच्चों के साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, उस रात की कोतवाली की सीसीटीवी फुटेज भी मांगी गई है, जिससे पूरे घटनाक्रम की जांच की जा सके।
इस मामले ने बाल अधिकारों और पुलिस प्रक्रिया को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।
























