मथुरा। वृंदावन थाना क्षेत्र से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता अशोक शर्मा द्वारा भारत की राष्ट्रपति को एक अतिसंवेदनशील शिकायत पत्र भेजा गया है। इस पत्र में थाना वृंदावन पुलिस और कुछ अधिकारियों पर नाबालिग बच्चों, महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों के साथ कथित गैरकानूनी कार्रवाई करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।शिकायत के अनुसार, दिनांक 14 अप्रैल 2026 को हुई एक सड़क दुर्घटना को पुलिस द्वारा कथित रूप से साजिश के तहत बढ़ा-चढ़ाकर विभिन्न गंभीर धाराओं में दर्ज किया गया। आरोप है कि मामूली एक्सीडेंट को पहले लूट और बाद में जानलेवा हमले के रूप में परिवर्तित कर दिया गया। साथ ही, रिमांड से पहले धारा बढ़ाने और फर्जी मुकदमे दर्ज करने की भी बात कही गई है।पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि लगभग 26 घंटे तक नाबालिग बच्चों और अन्य लोगों को गैरकानूनी रूप से हिरासत में रखा गया। शिकायतकर्ता ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने तथा घटना स्थल, थाना परिसर और सोशल मीडिया की सभी सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने की मांग की है।
अधिवक्ता अशोक शर्मा ने अपने पत्र में डीआईजी आगरा सहित कुछ अन्य व्यक्तियों पर भी इस पूरे मामले में साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सामाजिक कार्यों के कारण उन्हें पूर्व में भी फर्जी मुकदमों का सामना करना पड़ा है।
इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। अब देखना होगा कि उच्च स्तर पर इस शिकायत पर क्या कार्रवाई की जाती है।

























