• गोविन्द पाराशर– संवाददाता आगरा
आगरा। नगर निगम की महिला सेनेटरी इंस्पेक्टर के इस्तीफे के प्रकरण ने नाटकीय मोड़ ले लिया है। इस्तीफा वायरल होने के अगले दिन महिला इंस्पेक्टर ने इससे इंकार कर दिया और कहा कि वह नगर आयुक्त से मिलकर पूरे मामले की जांच की मांग करेंगी।
पर्यटकों के घूमने-फ़िरने की जगहें गौरतलब है कि कमलानगर की फूड एंड सेनेटरी इंस्पेक्टर (एफएसआई) रचना गुप्ता का इस्तीफा सोशल मीडिया पर मंगलवार को वायरल हुआ, जिसमें अधिकारियों की कार्यशैली और स्टाफ व समान उपलब्ध न कराने पर सवाल उठाते हुए इस्तीफा देने को बात कही गई।
पत्र में कहा गया कि आखिर किस तरीके से एक महिला को कार्य नहीं करने दिया जा रहा है। इस्तीफे के वायरल होते ही नगर निगम के अधिकारियों में खलबली मच गई। यह भी कहा जा रहा है कि पत्र शासन तक पहुंच गया है। स्थानीय अफसरों ने किसी तरह स्थिति संभालने का प्रयास किया। उधर शाम होने तक एफएसआई रचना गुप्ता ने पत्र से किनारा कर लिया। यही नहीं इस मामले को ट्विस्ट देते हुए उन्होंने किसी व्यक्ति द्वारा उनके नाम का दुरुपयोग करने का आरोप लगा दिया।
बुधवार को जिला नजर से बातचीत करते हुए रचना गुप्ता ने सिरे से इनकार किया कि उनके द्वारा इस तरह का कोई पत्र लिखा गया है। पत्र पर उनके पूर्ण हस्ताक्षर भी नहीं हैं। उन्होंने आशंका जताई कि उन्हें विभाग में कई कागजों पर आए दिन हस्ताक्षर करने होते हैं। संभव है किसी ने धोखे से उनके “इनिशियल-हस्ताक्षर” करा लिए हों और उन्हें बदनाम करने के लिए पत्र वायरल कर दिया हो।
रचना गुप्ता ने कहा कि इस मामले में वह नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल से मुलाकात करके शिकायत करेंगी और उनके खिलाफ की गई धोखाधड़ी की जांच की मांग करेंगी।
इस मामले में अपर नगरायुक्त शिशिर कुमार ने भी मीडिया से कहा कि महिला सेनेटरी इंस्पेक्टर द्वारा कोई भी पत्र नहीं लिखा गया है। न ही इस्तीफा दिया गया है। इंटरनेट मीडिया में पत्र किस तरीके से पहुंचा, इसकी भी जानकारी नहीं है।























