दैनिक जिला नज़र संवाददाता
आगरा। आदर्श नगर पंचायत खेरागढ़ में सरकारी बाउंड्रीवाल तोड़े जाने का मामला अब गंभीर रूप लेता नजर आ रहा है। आरोप है कि बिना बोर्ड की बैठक व बिना प्रस्ताव पास हुए और बिना पूर्ण प्रक्रिया अपनाए सरकारी संपत्ति का ध्वस्तीकरण शुरू करा दिया गया।
सूचना पर पहुंची पीआरबी पुलिस ने मौके पर जांच के बाद कार्य रुकवा दिया, जिसके बाद नगर पंचायत प्रशासन में हड़कंप मच गया।
सूत्रों के अनुसार इस कार्य के लिए अभी तक नगर पंचायत बोर्ड से कोई प्रस्ताव तक पास नहीं हुआ है। इसके बावजूद ठेकेदार द्वारा जेसीबी लगाकर सरकारी बाउंड्रीवाल तोड़ने का कार्य शुरू करा दिया गया।
स्थानीय लोगों ने जब दस्तावेजों की मांग की तो कथित वर्क ऑर्डर पर जिम्मेदार अधिकारियों के हस्ताक्षर नहीं मिले, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी (ईओ) मोहम्मद रजा ने दावा किया कि बाउंड्रीवाल के ध्वस्तीकरण और निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है।
वहीं नगर पंचायत कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार टेंडर 13 मई को वर्क ऑडर तैयार कर लिया गया था, लेकिन उस पर ईओ के हस्ताक्षर अभी तक नहीं हुए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जब मामले को लेकर क्षेत्र में हलचल तेज हुई और लोगों के बीच चर्चा फैलने लगी, तब आनन-फानन में टेंडर पर अधिशासी अधिकारी के हस्ताक्षर किए गए। जबकि सूत्रों का दावा है कि अब तक इस कार्य के लिए कोई विधिवत प्रस्ताव ही पारित नहीं हुआ है तो वर्क ऑडर आखिर बन कैसे गया।
ऐसे में बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि बिना प्रस्ताव और बिना पूर्ण स्वीकृति के आखिर सरकारी संपत्ति तोड़ने की अनुमति किसने दी। मामले को लेकर नगर पंचायत प्रशासन की कार्यशैली और निजी ठेकेदारों से कथित सांठगांठ पर भी सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल खेरागढ़ में यह मामला चर्चा का केंद्र बना हुआ है और लोग प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।





















