मथुरा |बदलती जीवनशैली, लंबे समय तक स्क्रीन के सामने बैठकर काम करना और गलत बैठने-उठने की आदतों के कारण मथुरा में रीढ़ (स्पाइन) से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। डॉक्टरों के अनुसार, लगातार कमर दर्द, रीढ़ की उम्र से जुड़ी समस्याएं, स्कोलियोसिस (रीढ़ का टेढ़ापन), स्पाइनल इंफेक्शन और रीढ़ की अन्य जटिल बीमारियों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई लोग लगातार होने वाले दर्द को सामान्य मांसपेशियों के खिंचाव या बढ़ती उम्र का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं और इलाज के लिए तब पहुंचते हैं, जब दर्द गंभीर हो जाता है या नसों पर असर पड़ने से रोजमर्रा के कामकाज में दिक्कत आने लगती है।
इस बढ़ती समस्या पर बताते हुए डॉ. निखिल जैन, कंसल्टेंट – स्पाइन सर्जरी, मणिपाल हॉस्पिटल द्वारका, नई दिल्ली ने कहा, “हमारे ओपीडी में रीढ़ की जटिल समस्याओं वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अधिकांश मरीज तब हमारे पास आते हैं, जब बीमारी काफी बढ़ चुकी होती है, जिससे इलाज अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाता है। लगातार कमर दर्द, हाथ-पैरों में सुन्नपन, कमजोरी या शरीर के पोश्चर में बदलाव जैसे लक्षणों को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और इलाज से नसों को होने वाले स्थायी नुकसान, रीढ़ की विकृतियों और स्थायी विकलांगता से बचा जा सकता है। साथ ही इलाज के बेहतर परिणाम भी मिलते हैं।“स्पाइन उपचार में हो रही आधुनिक प्रगति के बारे में बताते हुए डॉ. जैन ने कहा, “आज स्पाइन सर्जरी के क्षेत्र में काफी बदलाव आया है। मिनिमली इनवेसिव और रोबोटिक तकनीक की मदद से अब रीढ़ की जटिल बीमारियों का इलाज अधिक सटीक और सुरक्षित तरीके से किया जा रहा है। इन तकनीकों में छोटे चीरे लगाए जाते हैं, खून की कमी कम होती है, ऑपरेशन के बाद दर्द कम रहता है, अस्पताल में कम समय तक रुकना पड़ता है और मरीज जल्दी अपनी सामान्य दिनचर्या में लौट सकते हैं। चाहे स्कोलियोसिस हो, स्पाइनल इंफेक्शन हो या रीढ़ की अन्य गंभीर समस्याएं, इन आधुनिक तकनीकों ने सर्जरी को पहले से अधिक सुरक्षित और रिकवरी को तेज बना दिया है।”
मथुरा के लोगों को विशेषज्ञ स्पाइन उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से डॉ. निखिल जैन प्रत्येक महीने के दूसरे और चौथे शुक्रवार को ओपीडी परामर्श देते हैं। वह राहुल फिजियोथेरेपी सेंटर, कृष्णा नगर में दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक तथा इसके बाद केयर एंड वेलनेस एडवांस फिजियोथेरेपी, ए-22, मोतीकुंज में दोपहर 2:00 बजे से 3:00 बजे तक मरीजों को देखते हैं। लगातार कमर या गर्दन में दर्द, स्कोलियोसिस, रीढ़ की विकृतियां, हाथ-पैरों में कमजोरी या सुन्नपन अथवा स्पाइनल इंफेक्शन जैसे लक्षणों से परेशान लोगों को सलाह दी जाती है कि बीमारी बढ़ने से पहले विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।मणिपाल हॉस्पिटल्स, मथुरा और आसपास के क्षेत्रों में अत्याधुनिक स्पाइन उपचार की सुविधा लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। अनुभवी विशेषज्ञों और आधुनिक तकनीक की मदद से अस्पताल में रीढ़ की बीमारियों की व्यापक जांच, मिनिमली इनवेसिव और रोबोटिक स्पाइन सर्जरी, रिहैबिलिटेशन सेवाएं तथा प्रत्येक मरीज की जरूरत के अनुसार व्यक्तिगत उपचार उपलब्ध कराया जाता है, ताकि मरीज फिर से बिना दर्द के सक्रिय जीवन जी सकें और उनकी जीवन गुणवत्ता बेहतर हो सके।
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मथुरा में रीढ़ की जटिल बीमारियां बन रही हैं बड़ी स्वास्थ्य चुनौती; समय पर इलाज से स्थायी विकलांगता से बचाव संभव: डॉ. निखिल जैन
Rahul Gaur 📍 Mathura
राहुल गौड एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उत्तर प्रदेश के जनपद मथुरा में सक्रिय रहते हुए उन्होंने विभिन्न समाचार माध्यमों के लिए निष्पक्ष और प्रभावशाली रिपोर्टिंग की है। उनके कार्य में स्थानीय मुद्दों की गंभीर समझ और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता की झलक मिलती है।





















