मुरैना/ मप्र | मु. इसरार खान – ब्यूरो चीफ|
जौरा विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची से नाम हटाने के गंभीर आरोपों के बीच कांग्रेस पार्टी ने आज बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। विधायक पंकज उपाध्याय ने शासन-प्रशासन पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ताओं की मिलीभगत से फर्जी आपत्तियों के जरिए वोटरों के नाम काटे जा रहे हैं। इस मुद्दे पर कांग्रेस कार्यकर्ता और मतदाता दोपहर 1 बजे जौरा एसडीएम कार्यालय का घेराव करेंगे।
आरोपों की पूरी कहानी
कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पूरे देश में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) कार्यक्रम के तहत मध्य प्रदेश में मतदाता सूची का पुनरीक्षण हो रहा है। लेकिन जौरा में इस प्रक्रिया का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “फॉर्म-7 के माध्यम से दूसरे व्यक्ति के नाम पर फर्जी आवेदन देकर वोट कटवाए जा रहे हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा लगाई गई आपत्तियां पूरी तरह गुमनाम हैं – न शिकायतकर्ता का नाम, न पता, और मोबाइल नंबर भी गलत। हमारी जांच में एक भी नंबर पर संपर्क नहीं हुआ और कोई शिकायतकर्ता असल में मौजूद नहीं निकला।”
उपाध्याय ने आगे आरोप लगाया कि बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) इन फर्जी आपत्तियों को स्वीकार कर रहे हैं, जो भाजपा और प्रशासन की मिलीभगत का सबूत है। “जब शिकायतकर्ता वास्तविक नहीं, तो बीएलओ ने इन्हें कैसे मंजूर किया? यह लोकतंत्र की हत्या है,” उन्होंने कहा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा पहले उठाए गए वोट चोरी के मुद्दे का हवाला देते हुए उन्होंने इसे राज्य स्तर पर बड़ी साजिश का हिस्सा बताया।
विरोध प्रदर्शन की तैयारी
कांग्रेस ने इस मुद्दे पर बड़े पैमाने पर मोर्चा खोल दिया है। आज दोपहर 1 बजे से एसडीएम कार्यालय का घेराव किया जाएगा, जिसमें स्थानीय मतदाता और पार्टी कार्यकर्ता शामिल होंगे। विधायक उपाध्याय ने कहा कि यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन होगा, लेकिन अगर प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। हाल के दिनों में जौरा में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां विपक्षी दलों के वोटरों को निशाना बनाया जा रहा है।
बैकग्राउंड और राजनीतिक संदर्भ
जौरा विधानसभा मुरैना जिले का हिस्सा है, जहां राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता हमेशा तीखी रही है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा लोकसभा और विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। इससे पहले भी मुरैना में किसानों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया था, जहां जौरा के कांग्रेस विधायक को भू-माफिया तक कहा गया था, लेकिन अब कांग्रेस खुद हमलावर हो गई है। राज्य स्तर पर मतदाता सूची में गड़बड़ियों के कई मामले सामने आ चुके हैं, और राहुल गांधी ने इसे राष्ट्रीय मुद्दा बनाया है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
चुनाव विशेषज्ञों का मानना है कि फॉर्म-7 का दुरुपयोग एक पुरानी समस्या है, लेकिन डिजिटल युग में इसे ट्रैक करना आसान हो गया है। अगर आरोप साबित हुए तो यह चुनाव आयोग के लिए बड़ा सवाल खड़ा कर सकता है। कांग्रेस ने चुनाव आयोग से जांच की मांग की है।
यह घटना मध्य प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकती है, जहां भाजपा और कांग्रेस के बीच टकराव बढ़ रहा है। घेराव के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।























