आगरा: दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (DVVNL) के फतेहाबाद विद्युत वितरण मंडल में 29-30 करोड़ रुपये के बड़े टेंडर घोटाले का मामला सामने आया है। यह पिछले तीन वर्षों (2023-24 से 2025-26) में हुए 128 टेंडरों में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा है, जो विभागीय जांच में उजागर हुआ। यह DVVNL के लिए अब तक का सबसे बड़ा टेंडर संबंधी घोटाला माना जा रहा है।
घोटाले की मुख्य बातें
- कुल प्रभावित टेंडर: 128 में से कई बिना ई-निविदा पोर्टल पर अपलोड किए ही आवंटित कर दिए गए।
- राशि में हेराफेरी: जहां 15 लाख की निविदा थी, वहां राशि बढ़ाकर 28 लाख तक दिखाई गई।
- अन्य गड़बड़ियां: निविदाएं निरस्त दिखाकर भी ठेके जारी किए गए, तकनीकी/वित्तीय भाग खोले बिना अनुबंध दिए गए, निविदा शुल्क और धरोहर राशि में हेराफेरी, बिना प्रतिभाग के L-1 दर्शाकर अनुबंध।
- रिकॉर्ड गायब: कुल 166 टेंडरों में से सिर्फ 43 फाइलें उपलब्ध, बाकी जानबूझकर नष्ट किए गए।
- विशेष अनियमितताएं: लगभग 40 अनुबंध जहां निविदा प्रकाशित ही नहीं हुई, 4 जहां पोर्टल पर निरस्त थी लेकिन काम चालू, 9 जहां प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, और 29 में दरों/राशि/PO में गंभीर गड़बड़ी।
जांच कैसे शुरू हुई और क्या हुआ?
DVVNL प्रबंध निदेशक नीतिश कुमार के निर्देश पर मुख्य अभियंता कपिल सिंघवानी ने विस्तृत जांच कराई। इंटरनल समीक्षा में फाइलें मुख्यालय तक न पहुंचने का पता चला, जिससे परत-दर-परत घोटाला सामने आया।
कार्रवाई:
- 19 लोगों के खिलाफ केस दर्ज (6 अधिकारी समेत)।
- अधीक्षण अभियंता रविकांत मिश्रा को निलंबित किया गया।
- चार अन्य कर्मचारियों पर भी निलंबन।
- विभागीय और आपराधिक जांच जारी।
मुख्य सूत्रधार और फायदे वाली फर्में
जांच रिपोर्ट में शिविर सहायक नीरज पाठक को मुख्य सूत्रधार बताया गया है, जिसने ठेकेदारों से मिलीभगत की।
सबसे ज्यादा लाभान्वित फर्में (कुछ प्रमुख):
- मां दुर्गा कंस्ट्रक्शन – ₹4.38 करोड़
- रघुवीर कॉन्ट्रैक्टर – ₹6.50 करोड़
- न्यूटेक इलेक्ट्रिकल्स – ₹5.76 करोड़
- शिवा इंटरप्राइजेज – ₹3.15 करोड़
- आरएस एंटरप्राइजेज – ₹3.88 करोड़
(ये आंकड़े जांच रिपोर्ट के आधार पर हैं; कुल राशि लगभग 29-30 करोड़ तक पहुंचती है।)
MD की सख्ती
प्रबंध निदेशक नीतिश कुमार ने कहा है कि DVVNL में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति है। इससे पहले भी इटावा और फतेहाबाद में अनियमितताओं पर कार्रवाई हुई है। इस मामले में भी सख्ततम कार्रवाई तय है।





