दैनिक जिला नजर संवाददाता
फतेहाबाद/आगरा: कस्बा फतेहाबाद स्थित जनता इंटर कॉलेज के समीप आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन कथा व्यास संत लोकेशानंद महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का प्रसंग बड़े ही भावपूर्ण और मनोहारी ढंग से सुनाया।
सुदामा चरित्र का वर्णन सुनकर कथा पंडाल में मौजूद श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और कई श्रोताओं की आंखों से आंसू छलक पड़े।
संत लोकेशानंद महाराज ने कहा कि सुदामा चरित्र केवल मित्रता की कथा नहीं, बल्कि त्याग, समर्पण, प्रेम और भगवान के प्रति अटूट श्रद्धा का संदेश देता है। उन्होंने बताया कि सुदामा अत्यंत निर्धन थे, लेकिन उनके मन में भगवान श्रीकृष्ण के प्रति असीम प्रेम और विश्वास था। इसी निष्काम भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान ने अपने मित्र का सम्मान किया और उनके सभी कष्ट दूर कर दिए।
कथा के दौरान संत ने कहा कि जीवन में सच्चे मित्र और सच्ची भक्ति का कोई विकल्प नहीं है। भगवान भक्त के भाव के भूखे होते हैं, धन-दौलत के नहीं। यदि मन में सच्ची श्रद्धा और प्रेम हो तो भगवान स्वयं भक्त के जीवन में सुख-समृद्धि का संचार करते हैं।
सुदामा और श्रीकृष्ण के मिलन का प्रसंग सुनाते समय पूरा कथा पंडाल भक्तिमय वातावरण में डूब गया। श्रद्धालु भावुक होकर कथा का रसपान करते रहे। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने संत लोकेशानंद महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा विश्व कल्याण, सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।





















