दैनिक जिला नजर संवाददाता
फतेहाबाद/आगरा: आगरा कस्बे के जनता इंटर कॉलेज के समीप चल रही श्रीमद्भागवत कथा में सोमवार को भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाते हुए कथावाचक संत लोकेशानंद महाराज ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथा के दौरान अमरीष चरित्र, मनु चरित्र, गंगा अवतरण, समुद्र मंथन, भगवान श्रीराम एवं श्रीकृष्ण जन्म की कथाओं का अत्यंत रोचक और भावपूर्ण वर्णन किया गया।
कथावाचक ने श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग सुनाते हुए जैसे ही “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” का गायन किया, पूरा कथा पंडाल भक्तिमय वातावरण में डूब गया। श्रद्धालु “हाथी लेंगे, घोड़ा लेंगे और लगे पालकी” जैसे भजनों पर झूम उठे।

महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों के साथ उत्सव का आनंद लिया।समुद्र मंथन प्रसंग पर रखे विचार :समुद्र मंथन की कथा का वर्णन करते हुए संत लोकेशानंद ने कहा कि इस प्रसंग को लेकर कई प्रकार की भ्रांतियां फैलाई जाती हैं। उन्होंने कहा कि समुद्र मंथन से शराब नहीं, बल्कि सोमरस प्रकट हुआ था। उन्होंने श्रद्धालुओं से धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन कर सही जानकारी प्राप्त करने का आह्वान किया।
भक्ति रस में डूबे श्रोता:कथा के दौरान संत लोकेशानंद ने भगवान के चरित्रों के माध्यम से धर्म, सत्य, भक्ति और मानव कल्याण का संदेश दिया। उनके ओजस्वी और सरल प्रवचनों ने श्रोताओं को देर तक बांधे रखा। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भक्ति रस का आनंद लिया।





















