जिला नजर ब्यूरो चीफ संजय भारद्वाज
अलीगढ़। जिले में हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित जल जीवन मिशन योजनाओं की प्रगति की जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि 90 प्रतिशत से अधिक प्रगति वाली योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कर आमजन को नियमित एवं निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराया जाए।
समीक्षा बैठक में अधिशासी अभियंता, जल निगम ग्रामीण लोकेश शर्मा ने बताया कि जिले के 1124 राजस्व ग्रामों में से 54 ग्राम 43 पूर्व निर्मित पेयजल योजनाओं से आच्छादित हैं। इन योजनाओं का संचालन पूर्व में ग्राम पंचायतों द्वारा किया जा रहा था, जबकि नवीन अनुरक्षण नीति-2024 के तहत इनके सुदृढ़ीकरण एवं आगामी 10 वर्षों के संचालन-रखरखाव का दायित्व मै. प्रवीन इलेक्ट्रिकल्स प्रा.लि., मुंबई को सौंपा गया है। इसके लिए आवश्यक प्राक्कलन तैयार कर स्वीकृति एवं धनावंटन के लिए मुख्यालय भेजे जा चुके हैं।
शेष 1070 ग्रामों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत कार्य सूचीबद्ध फर्मों मै. आयन एक्सचेंज, मै. केपीटीएल एवं मै. पीएनसी द्वारा कराए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं के तहत 731 नलकूप, 731 पम्प हाउस, 7171 किलोमीटर वितरण प्रणाली, 729 शिरोपरि जलाशय, 3.93 लाख से अधिक गृह जल संयोजन तथा 2015 किलोमीटर रोड ट्रेंच मरम्मत कार्य प्रस्तावित हैं।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार अब तक 730 नलकूप, 722 पम्प हाउस, 7120 किलोमीटर वितरण प्रणाली, 301 शिरोपरि जलाशय, 3.86 लाख से अधिक गृह जल संयोजन एवं 1947 किलोमीटर रोड ट्रेंच मरम्मत कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। शेष कार्य तेजी से प्रगति पर हैं, जिन्हें मार्च 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
बैठक में यह भी बताया गया कि 1070 राजस्व ग्रामों में से 153 ग्रामों में सभी कार्य पूर्ण कर 111 योजनाओं को संचालन एवं अनुरक्षण व्यवस्था में सम्मिलित किया जा चुका है, जहां शिरोपरि जलाशयों के माध्यम से नियमित जलापूर्ति की जा रही है। इसके अतिरिक्त 548 ग्रामों में सीधे पम्पिंग एवं आंशिक जलापूर्ति के माध्यम से ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने अवगत कराया कि भारत सरकार द्वारा जल जीवन मिशन की समयावधि दिसंबर 2028 तक बढ़ा दी गई है। जुलाई 2024 से केंद्रांश की धनराशि अवमुक्त न होने से कुछ परियोजनाओं की गति प्रभावित हुई है, बावजूद इसके विभाग द्वारा जनहित में आंशिक जलापूर्ति निरंतर सुनिश्चित की जा रही है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी कार्यदायी संस्थाएं गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ कार्य पूर्ण करें, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक परिवार को सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल की सुविधा समय से उपलब्ध कराई जा सके।





















