मथुरा। बरसाना स्थित श्री राधा बिहारी इंटर कॉलेज के ग्राउंड में रंगोत्सव 2026 के भव्य कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर प्रदेश के गन्ना विकास एवं चीनी मिलें मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।इस अवसर पर उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजा कांत मिश्र, मंडलायुक्त नगेन्द्र प्रताप, पुलिस उप-महानिरीक्षक शैलेश कुमार पाण्डेय, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार, मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष लक्ष्मी एन तथा परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सूरज पटेल सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने भी दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।कार्यक्रम की शुरुआत श्री राधा-कृष्ण स्वरूप में मनोहारी नृत्य प्रस्तुति से हुई, जिसने उपस्थित जनसमूह को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया। मंच पर बृज संस्कृति पर आधारित विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। बरसाना की विश्व प्रसिद्ध लट्ठमार होली पर आधारित नृत्य ने सभी का मन मोह लिया। कलाकारों द्वारा दर्शकों पर पुष्प वर्षा किए जाने से पूरा परिसर बृज की होली के रंग में रंग गया।मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने अपने संबोधन में रंगोत्सव 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बृजवासी श्री राधा रानी और श्रीकृष्ण को अपने परिवार का सदस्य मानते हैं। उन्होंने कहा कि बृजभूमि में प्रेम, आस्था और संतों का सम्मान अद्वितीय है। पहले बरसाना की लट्ठमार होली उत्तर भारत तक सीमित थी, किंतु आज यह विश्व प्रसिद्ध हो चुकी है और देश-विदेश से श्रद्धालु यहां होली खेलने आते हैं।उन्होंने प्रदेश सरकार की नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन और बरसाना सहित पूरे प्रदेश में पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों का व्यापक विकास हुआ है। साथ ही उन्होंने प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों से अपील की कि रंगोत्सव के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के प्रति विनम्र व्यवहार रखते हुए उनकी सुरक्षा और सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाए।कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत-अभिनंदन करते हुए आयोजकों एवं कलाकारों का सफल आयोजन हेतु आभार व्यक्त किया। रंगोत्सव 2026 के शुभारंभ के साथ ही बरसाना एक बार फिर बृज की रंग-रसमयी परंपराओं से सराबोर हो उठा।







