आगरा: जिले के जगदीशपुरा क्षेत्र में रविवार रात (23 फरवरी 2026) एक शादी समारोह उस समय हंगामे में बदल गया, जब फेरों से ठीक पहले पुलिस ने दखल देकर नाबालिग लड़की की शादी रुकवा दी। मंडप सजा हुआ था, दूल्हा सेहरा बांधकर बैठा था, बाराती भोजन कर चुके थे, लेकिन चाइल्डलाइन 1098 पर मिली सूचना ने सब कुछ बदल दिया।
सूत्रों के अनुसार, रविवार रात करीब 9:30 बजे चाइल्डलाइन को जगदीशपुरा में एक नाबालिग लड़की की शादी होने की सूचना मिली। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। हाथरस जिले के सादाबाद से धूमधाम से आई बारात पहले ही पहुंच चुकी थी। अधिकांश मेहमान खाना खा चुके थे और रस्में शुरू होने वाली थीं। पंडित मंत्रोच्चार की तैयारी कर रहे थे, तभी पुलिस ने आयु प्रमाण पत्रों की जांच शुरू की।
जांच में दुल्हन के दस्तावेजों से पता चला कि उसकी उम्र वैधानिक विवाह आयु (18 वर्ष) से कम है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया कि लड़की के परिजनों ने पहले ही POCSO एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें उसे नाबालिग बताया गया था और मेडिकल जांच में भी यही पुष्टि हुई थी। पुष्टि होते ही पुलिस ने सख्त रुख अपनाया और शादी की सभी रस्में तुरंत रोक दीं।
परिवार वालों ने पहले विरोध जताया, लेकिन पुलिस ने बाल विवाह निषेध अधिनियम (Prohibition of Child Marriage Act) का हवाला देकर स्थिति स्पष्ट की। दूल्हे को बिना शादी के ही बारात के साथ वापस लौटना पड़ा। मंडप में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई।
नाबालिग दुल्हन को सुरक्षा और संरक्षण के लिए आशा ज्योति केंद्र (एक सरकारी महिला आश्रय गृह) भेज दिया गया है। पुलिस अब मामले में आगे की जांच कर रही है – अभिभावकों, आयोजकों और संबंधित लोगों से पूछताछ जारी है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बाल विवाह कानूनन गंभीर अपराध है और ऐसी सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई की जाती रहेगी।





