दैनिक जिला नजर संवाददाता
फतेहाबाद/आगरा। ग्राम पंचायत धिमश्री के नगला मुक्त, बांसवले और झारपुरा गांव में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की कवायद शुरू हो गई है। सोमवार को खंड विकास अधिकारी अरुण कुमार, एडीओ पंचायत नरेंद्र पाल सिंह, ग्राम पंचायत सचिव और लेखपाल ने तीनों गांवों का भ्रमण कर जलभराव की स्थिति का जायजा लिया।
अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर समस्या के कारणों और उसके स्थायी निदान के लिए सुझाव भी लिए।ग्रामीणों ने बताया कि तीनों गांवों में जलभराव का प्रमुख कारण तालाबों की लंबे समय से सफाई और खोदाई न होना है। तालाबों में शील्ट जमा होने से उनकी जलधारण क्षमता लगातार कम होती गई है। बारिश होने पर पानी तालाबों में समुचित रूप से नहीं ठहर पाता और गांव की गलियों व रास्तों में भर जाता है। ग्रामीणों ने तालाबों की खोदाई कर उनकी क्षमता बढ़ाने और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की।
गाटा संख्या 815 से निकलेगा पानी
लेखपाल धनेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि धिमश्री से नगला शादी मार्ग पर करीब एक किलोमीटर दूर सड़क किनारे गाटा संख्या 815 की 0.127 हेक्टेयर भूमि राजस्व अभिलेखों में पीली मिट्टी के रूप में दर्ज है। यहां से तालाब के पानी की निकासी की व्यवस्था की जा सकती है। फिलहाल ग्राम प्रधान और सचिव की ओर से अंडरग्राउंड पाइपलाइन डालकर पानी निकालने का कार्य कराया जा रहा है।नहर और गांव के बाहर पहुंचाया जा रहा पानी
झारपुरा में जलभराव वाले पानी को अंडरग्राउंड पाइपलाइन के माध्यम से नहर तक पहुंचाया जा रहा है। वहीं बांसवले का पानी पाइपलाइन के जरिए गांव की आबादी से बाहर निकाला जा रहा है। इससे ग्रामीणों को तत्काल राहत देने का प्रयास किया जा रहा है।
बारिश के बाद होगी तालाबों की खोदाई
स्थायी समाधान के लिए कंसल्टिंग इंजीनियर से प्राक्कलन तैयार करा लिया गया है। बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद प्राथमिकता के आधार पर कार्य कराया जाएगा। बीडीओ अरुण कुमार ने ग्राम प्रधान और सचिव को निर्देश दिए कि तालाबों से पानी निकलने के बाद शील्ट की सफाई और खोदाई कराकर उनकी जलधारण क्षमता बढ़ाई जाए।
जलभराव वाली गलियों और नालियों की सफाई कराने के साथ एंटी लार्वा का छिड़काव और फागिंग कराने के भी निर्देश दिए गए हैं। कार्य पूरा होने के बाद फोटोग्राफ और अन्य साक्ष्यों सहित रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया है।





















