मथुरा।वृंदावन में सील किए गए एक गेस्ट हाउस में कमरा मांगने के आरोप को लेकर मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के एक सहायक अभियंता विवादों में आ गए हैं। घटना का सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद प्राधिकरण ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है।जानकारी के अनुसार, वृंदावन के रुक्मिणी विहार सेक्टर-2 स्थित एक गेस्ट हाउस को हाल ही में नियमों के उल्लंघन के चलते एमवीडीए ने सील किया था। गेस्ट हाउस प्रबंधन का आरोप है कि 28 जून की सुबह सहायक अभियंता सरकारी वाहन से वहां पहुंचे और प्रबंधक से कमरा खोलने की मांग की। जब उन्हें बताया गया कि गेस्ट हाउस सील है और कमरा उपलब्ध नहीं कराया जा सकता, तब भी उन्होंने कथित तौर पर कमरा खुलवाने का दबाव बनाया।गेस्ट हाउस के प्रबंधक का दावा है कि अधिकारी ने सील खुलवाने का आश्वासन देते हुए रुपये देने की भी बात कही, लेकिन उन्होंने कमरा खोलने से इनकार कर दिया। पूरी घटना वहां लगे कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जिसका वीडियो सोमवार शाम सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।इस मामले में गेस्ट हाउस संचालक एवं नगर निगम के वार्ड-67 के पार्षद राधा कृष्ण पाठक ने एमवीडीए की उपाध्यक्ष को लिखित शिकायत सौंपते हुए सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध कराई है। वीडियो सामने आने के बाद मामले को लेकर विभिन्न चर्चाएं शुरू हो गई हैं। एमवीडीए सचिव आशीष कुमार सिंह ने बताया कि शिकायत प्राप्त होने के बाद संबंधित सहायक अभियंता से स्पष्टीकरण मांगा गया है। उनका जवाब मिलने के बाद उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।वहीं, आरोपित सहायक अभियंता सुमित मौर्य ने कमरा मांगने या किसी प्रकार का दबाव बनाने के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि वह केवल नियमित निरीक्षण और जांच के उद्देश्य से गेस्ट हाउस पहुंचे थे।इधर, मामले के सामने आने के बाद गेस्ट हाउस से सील हटाए जाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। इस संबंध में एमवीडीए का कहना है कि संबंधित पक्ष द्वारा आवश्यक जवाब और औपचारिकताएं पूरी करने के बाद नियमानुसार सील हटाई गई थी। अब मौजूदा शिकायत की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।






















