मथुरा।श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान ने मंदिर में चढ़ावे की गिनती व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए नई पहल की है। अब मंदिर कर्मचारियों के साथ मंदिर परिसर के व्यापारियों को भी दान गिनती प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। व्यापारी गोलक खुलने से लेकर चढ़ावे की गिनती, रिकॉर्ड तैयार करने और बैंक में राशि जमा होने तक पूरी प्रक्रिया के साक्षी रहेंगे।सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि मंदिर में चढ़ावे की गिनती पहले से ही निर्धारित नियमों के अनुसार होती रही है, लेकिन श्रद्धालुओं का भरोसा और मजबूत करने तथा भविष्य में किसी प्रकार के विवाद की संभावना समाप्त करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।इस व्यवस्था के तहत मंदिर परिसर की 30 दुकानों में से प्रतिदिन दो व्यापारियों का चयन किया जाएगा। सुबह होने वाली गिनती के दौरान एक व्यापारी और शाम की गिनती में दूसरा व्यापारी मौजूद रहेगा। दोनों अपनी-अपनी पाली में पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेंगे और गिनती पूरी होने के बाद तैयार होने वाले आधिकारिक विवरण पर अपने हस्ताक्षर भी करेंगे।दान में प्राप्त नकदी के साथ-साथ सिक्के, विदेशी मुद्रा, सोना, चांदी एवं अन्य कीमती वस्तुओं का रिकॉर्ड भी व्यापारियों की मौजूदगी में तैयार किया जाएगा। इसके बाद बैंक में राशि जमा कराने की प्रक्रिया भी उनकी निगरानी में पूरी होगी।सेवा संस्थान के सदस्य गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने बताया कि मंदिर में सामान्य दिनों में प्रतिदिन गोलक खोली जाती है। केवल विशेष धार्मिक आयोजनों और प्रमुख उत्सवों के दौरान यह प्रक्रिया स्थगित रहती है।व्यवसाई समिति के अध्यक्ष नंद किशोर गुसाई ने बताया कि इस निर्णय का व्यापारियों ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि सभी दुकानदार इसे भगवान की सेवा का अवसर मान रहे हैं और आवश्यकता पड़ने पर दुकान बंद रखकर भी इस जिम्मेदारी का निर्वहन करने के लिए तैयार हैं।सेवा संस्थान का मानना है कि नई व्यवस्था से चढ़ावे की गिनती प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी होगी तथा श्रद्धालुओं का विश्वास पहले से ज्यादा मजबूत होगा।
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श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान की नई पहल, दान गिनती में व्यापारियों की आधिकारिक भागीदारी
Rahul Gaur 📍 Mathura
राहुल गौड एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उत्तर प्रदेश के जनपद मथुरा में सक्रिय रहते हुए उन्होंने विभिन्न समाचार माध्यमों के लिए निष्पक्ष और प्रभावशाली रिपोर्टिंग की है। उनके कार्य में स्थानीय मुद्दों की गंभीर समझ और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता की झलक मिलती है।





















