मथुरा। राष्ट्रीय राजमार्ग (हाईवे) से गोवर्धन परिक्रमा तक सीधी और सुगम एप्रोच तैयार करने की दिशा में फरह-सौंख मार्ग के चौड़ीकरण की प्रक्रिया तेज हो गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत सड़क किनारे खड़े 437 पेड़ों को हटाया जाएगा,जिसके लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मांगी गई है। अनुमति प्रक्रिया के तहत सुप्रीम कोर्ट की केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीएसी) जल्द ही मथुरा पहुंचकर मार्ग का निरीक्षण करेगी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर ही सुप्रीम कोर्ट पेड़ों की कटाई पर अंतिम निर्णय देगा।लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा फरह से ओल होते हुए सौंख तक सड़क के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का प्रस्ताव करीब डेढ़ वर्ष पहले स्वीकृत किया गया था। पिछले माह इस मार्ग को राज्य मार्ग (स्टेट हाईवे) घोषित किए जाने के बाद निर्माण कार्य शुरू हुआ, लेकिन सड़क किनारे स्थित पेड़ परियोजना में बाधा बन गए।विभागीय आकलन में सामने आया कि सड़क को प्रस्तावित चौड़ाई देने के लिए 437 पेड़ों को हटाना आवश्यक है। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मांगी। न्यायालय ने मामले को केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीएसी) को भेजते हुए स्थल निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उम्मीद है कि समिति जल्द ही मथुरा पहुंचकर सर्वे करेगी।यह मार्ग फरह के दीनदयाल धाम, परखम, ओल, जाजमपट्टी, मगोर्रा और सौंख जैसे प्रमुख क्षेत्रों से होकर गुजरता है। चौड़ीकरण के बाद यह सड़क हाईवे और गोवर्धन के बीच एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग बन जाएगी।फरह-सौंख मार्ग के फोरलेन बनने से आगरा की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों को मथुरा शहर के जाम से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा। इससे यात्रा का समय कम होगा और यातायात का दबाव भी घटेगा। साथ ही इस मार्ग के जरिए गोवर्धन बाईपास और बरसाना तक आवागमन अधिक आसान और तेज हो जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद गोवर्धन परिक्रमा क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी।
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गोवर्धन कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार,फरह-सौंख रोड चौड़ीकरण के लिए कटेंगे 437 पेड़, सुप्रीम कोर्ट की समिति करेगी निरीक्षण
Rahul Gaur 📍 Mathura
राहुल गौड एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उत्तर प्रदेश के जनपद मथुरा में सक्रिय रहते हुए उन्होंने विभिन्न समाचार माध्यमों के लिए निष्पक्ष और प्रभावशाली रिपोर्टिंग की है। उनके कार्य में स्थानीय मुद्दों की गंभीर समझ और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता की झलक मिलती है।





















