असंतुष्ट फीडबैक के मामलों में शिकायतकर्ता की समस्या का संवेदनशीलता से करें निस्ताण: संगीता सिंह मण्डलायुक्त
अलीगढ़। मण्डल अलीगढ़ संगीता सिंह की विशेष पहल पर संसाधनों का समुचित उपयोग करने के उद्देश्य से विकास कार्यों की मण्डलीय समीक्षा बैठक वर्चुअली माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में मण्डल के सभी जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी एवं मण्डलीय अधिकारी वर्चुअली जुड़े और संबंधित बिन्दुओं पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।
मण्डलायुक्त ने कहा कि मण्डल में वृहद स्तर पर विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिसके कारण एक ओर जहां बड़ी संख्या में भूमि अधिग्रहण की जा रही है वहीं निर्माण परियोजनाओं के आसपास भूमि की कीमतें बढ़ने से राजस्व संबंधी वादो में भी बढ़ोत्तरी हुई है।
उन्होंने राजस्व विभाग की अहम कड़ी लेखपाल-कानूनगो को स्पष्ट हिदायत देते हुए कहा कि राजस्व वादो के निस्तारण के लिए स्थलीय निरीक्षण कर पूर्ण ईमानदारी एवं पारदर्शिता से रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
उन्होंने कहा कि मण्डल में जिन बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन की प्रथम डोज लग गई है उनको प्राथमिकता से सीएसआर फण्ड से दूसरी डोज भी लगवाई जाए।
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी जिलों में वैटलैण्ड चिहिन्त करने, राजस्व वादों, भूमि अधिग्रहण एवं जनसुनवाई के प्रकरणों का भी प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश दिए।
वृक्षारोपण अभियान-2026 की समीक्षा में वन संरक्षक श्रद्धा यादव ने बताया कि मण्डल में लगभग 1.05 करोड़ पौधो का रोपण किया जाना है।
जिसमें अलीगढ़ में 36.19 लाख, हाथरस में 19.98 लाख, कासगंज में 22.70 लाख एवं एटा में लगभग 26 लाख पौधरोपण का लक्ष्य शामिल है। उन्होंने बताया कि सभी जिलों में विभागवार लक्ष्य आवंटित कर दिए गए हैं, जिसके अनुसार सभी विभाग अभी से गड्ढ़ा खुदान ण्वं अग्रिम मृदा कार्य की तैयारियां करना आरम्भ कर दें।
उन्होंने बताया कि विगत वर्ष कराए गए वृक्षारोपण की प्रत्येक माह जीवितता रिपोर्ट देनी होती है जोकि प्राप्त नहीं कराई जाती। वृक्षारोपण की सफलता के लिए एटा एवं हाथरस में 100 प्रतिशत ग्रीन चौपालों का आयोजन किया जा चुका है जबकि अलीगढ़ व कासगंज में जारी हैं।
उन्होंने बताया कि लक्ष्य के सापेक्ष अलीगढ़ में 24 नर्सरी में 61 लाख, एटा में 11 नर्सरी में 44 लाख, हाथरस में 15 नर्सरी में 36 लाख व कासगंज में 13 नर्सरी में 38 लाख पौधे तैयार हैं। मण्डलायुक्त ने कहा कि विभिन्न निरीक्षणों के दौरान देखने में आया है कि विगत वर्ष में काफी गड्ढे ऐसे हैं जिनमें पौधरोपण नहीं हुआ है, ऐसे में उन्हें प्राथमिकता से उपयोग में लाया जाए।
सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग में अप्रैल माह में एटा 6वें, अलीगढ़ 52वें, कासगंज 17वें और हाथरस 05वें स्थान पर रहा। इस पर मंडलायुक्त ने अलीगढ़ व कासगंज को रैंकिंग में सुधार लाने के निर्देश दिए।
विगत तीन माह से लगातार डी श्रेणी रहने पर महिला एवं बाल विकास हाथरस व कासगंज को प्रगति कर रैंकिंग में सुधार के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार नई सड़कों के निर्माण में एटा एवं निर्माण कार्यों में अलीगढ़ को अपेक्षित प्रगति के निर्देश दिए।
रामघाट रोड निर्माण की प्रगति में बाधा बन रहे विद्युत पोल पर मण्डलायुक्त ने मुख्य अभियंता विद्युत को एक सप्ताह में अपेक्षित कार्य करने के निर्देश दिए।
जननी सुरक्षा योजना में अलीगढ़ व कासगंज की सी श्रेणी पर बजट आवंटन के लिए मण्डलायुक्त के माध्यम से शासन में पत्र प्रेषित करने के निर्देश दिए गए। जल जीवन मिशन में अलीगढ़ की ए जबकि अन्य जिलों की सी श्रेणी आने पर उनको अपेक्षित प्रगति करने के निर्देश दिए।
ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों के लिए जीरामजी योजना में जुलाई माह में विस्तृत दिशा-निर्देश प्राप्त होने की जानकारी पर मण्डलायुक्त ने कहा कि इस समयान्तराल का उपयोग ग्राम पंचायतों में कराए जाने वाले विकास कार्यों को चिन्हित करने के लिए करें। सीएम युवा उद्यमी योजना में कम प्रगति पर कासगंज और हाथरस को विशेष अभियान चलाकर प्रगति सुधारने को कहा गया।
आईजीआरएस में मंडल 13वें से 04वें स्थान पर आने पर मण्डलायुक्त ने अधिकारियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि असंतुष्ट फीडबैक पर शिकायतकर्ता से वार्ता के समय उसकी समस्या को अच्छे से समझ उसका गुणवत्तापरक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकांश शिकायतें पेंशन व राजस्व संबंधी होती हैं ऐसे में इनसे संबंधित अधिकारी व कर्मचारी विशेष ध्यान दें।
बैठक में डीएम अलीगढ़ अविनाश कुमार, डीएम हाथरस अतुल वत्स, डीएम एटा अरविन्द कुमार सिंह, डीएम कासगंज प्रणय सिंह समेत सभी सीडीओ व मण्डलीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।





















