विद्युत विभाग की समस्याओं पर गुस्साए पदाधिकारी, प्रीपेड मीटर और बिलिंग पर उठाए सवाल – प्रशासन की लापरवाही से भड़का रोष
अतरौली (अलीगढ़)। जनपद अलीगढ़ की तहसील अतरौली में उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने विद्युत विभाग से जुड़ी गंभीर समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक 19 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञान प्रकाश वार्ष्णेय के नेतृत्व में दर्जनों व्यापारियों ने उप जिलाधिकारी (एसडीएम) सुमित सिंह को ज्ञापन दिया, लेकिन अधिकारी की देरी से पहुंचने पर व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। नारे लगाते हुए वे वापस लौटने लगे, जिसके बाद एसडीएम ने उन्हें रोककर ज्ञापन लिया, लेकिन बिना सुने चले गए। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो व्यापारियों में रोष पैदा कर गई।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें शामिल हैं: प्रीपेड मीटर लगाने से पहले विद्युत विभाग में जमा सिक्योरिटी राशि उपभोक्ताओं को वापस की जाए। मीटर लगाने के बाद फिक्स चार्ज, मिनिमम चार्ज, इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी आदि समाप्त कर केवल यूनिट के आधार पर बिल गणना की जाए। मीटर बदलने के बाद लैब जांच के नाम पर उपभोक्ताओं पर विद्युत चोरी के आरोप लगाकर एफआईआर और भारी जुर्माना लगाने की प्रथा बंद की जाए। व्यापारियों का कहना है कि ये समस्याएं लंबे समय से चली आ रही हैं, जो उनके कारोबार को प्रभावित कर रही हैं।
घटना के दौरान व्यापारी सुबह 11 बजे से इंतजार कर रहे थे, लेकिन एसडीएम 12:30 बजे पहुंचे। व्यापारियों ने कहा कि जन सुनवाई का समय सुबह 10 से 12 बजे तक होता है, लेकिन अधिकारी मीटिंग में व्यस्त थे और फोन भी नहीं उठाया। गुस्साए व्यापारी नारे लगाते हुए वापस जाने लगे, तभी एसडीएम ने उन्हें रोका और ज्ञापन लिया। लेकिन बिना कोई चर्चा किए अंदर चले गए, जिससे व्यापारियों में और आक्रोश फैल गया।
इस अवसर पर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष ज्ञान प्रकाश वार्ष्णेय, नगर अध्यक्ष दुर्गेश वार्ष्णेय, विवेक वार्ष्णेय, आलोक वार्ष्णेय, कपिल गुप्ता समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं, तो आगे बड़े आंदोलन की तैयारी की जाएगी।
रिपोर्ट – संजय भारद्वाज























