गोविन्द पाराशर– संवाददाता आगरा
आगरा। जिले में तैनात रहे ड्रग इंस्पेक्टर कपिल शर्मा को शासन ने निलंबित कर दिया है। उन पर मेडिकल एजेंसियों और दवा फर्मों की जांच में गंभीर लापरवाही बरतने और निर्धारित नियमों के अनुरूप प्रभावी कार्रवाई नहीं करने के आरोप हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, निलंबन के साथ ही विभागीय अनुशासनात्मक जांच भी शुरू कर दी गई है। शासन ने सहायक आयुक्त औषधि, आगरा मंडल को मामले का जांच अधिकारी नियुक्त किया है। जांच के दौरान कपिल शर्मा के कार्यकाल में की गई जांचों, निरीक्षणों और उनके आधार पर की गई कार्रवाई की समीक्षा की जा सकती है।
विभागीय जांच में आरोपों से जुड़े तथ्यों और दस्तावेजों की पड़ताल के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। जांच के निष्कर्ष के आधार पर निलंबन के संबंध में आगामी निर्णय लिया जाएगा। शासन की कार्रवाई में आरोप है कि कपिल शर्मा ने आगरा कार्यकाल के दौरान अपने सरकारी दायित्वों का निर्वहन निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया। मेडिकल एजेंसियों और दवा कारोबार से जुड़ी फर्मों की जांच के दौरान जहां प्रभावी निरीक्षण और नियमानुसार कार्रवाई अपेक्षित थी, वहां लापरवाही बरती गई। आरोपों के मुताबिक, जांच के दौरान सामने आने वाली
अनियमितताओं पर नियमों के अनुसार प्रभावी जांच और अभियोजन की कार्रवाई नहीं की गई। इसे शासन ने गंभीरता से लेते हुए उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है।कपिल शर्मा पर गंभीर कदाचार के साथ-साथ
सरकारी जिम्मेदारियों की अनदेखी के आरोप लगाए गए हैं। दवा कारोबार की निगरानी और औषधि संबंधी नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करना ड्रग इंस्पेक्टर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। ऐसे में निरीक्षण और कार्रवाई में कथित लापरवाही को विभाग ने गंभीर मामला माना है।
निलंबन अवधि के दौरान कपिल शर्मा को लखनऊ स्थित आयुक्त कार्यालय से संबद्ध किया गया है। निलंबन के दौरान उन्हें निर्धारित नियमों और शर्तों के तहत विभागीय कार्रवाई का सामना करना होगा। इस कार्रवाई के बाद औषधि विभाग में भी हड़कंप की स्थिति है।





















