गोविन्द पाराशर– संवाददाता आगरा
आगरा। भारतीय जनता पार्टी के शासन में एक्सप्रेस वे से लेकर शहर की विभिन्न सड़कों पर आए दिन हो रहे जानलेवा गड्ढे इन दिनों सुर्खियां बने हुए हैं। एक ओर एक्सप्रेस वे पर गड्ढों को लेकर आगरा की निर्माण कम्पनी पीएनसी पर सवाल उठ रहे हैं तो दूसरी ओर शहर आए दिन हो रहे गड्ढे नगर निगम पर प्रश्नचिन्ह लगा रहे हैं। बरसात के मौसम में एक्सप्रेस वे हो या शहर की सड़कें, कहीं भी चलना खतरे से खाली नहीं है।
शुक्रवार की सुबह कमलानगर में कर्मयोगी एन्क्लेव में सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया। कमलानगर में एक महीने के भीतर सड़क धंसने की दूसरी घटना है। यही नहीं, एक दिन पहले आलमगंज-लोहामंडी रोड तीन सौ मीटर के हिस्से में दो जगहों पर धंस गई थी। शास्त्रीपुरम गोल चक्कर चौराहे के निकट भी दूसरी बार रोड धंस चुकी है। विगत बुधवार को खंदारी मास्टर प्लान रोड और मोती कटरा के निकट खिड़की काले खां सहित चार स्थानों पर रोड धंस गई थीं। इससे पहले एमजी रोड पर भी सड़क धंसने से गड्ढा हो गया था।
कमला नगर में कर्मयोगी एनक्लेव चौराहे के पास सड़क धंसने से विशाल गड्ढा बनने के दौरान गनीमत रही कि हादसे के वक्त वहां से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था। सुबह छह बजे करीब हुए इस गड्ढे का आकार 20 फीट गहरा और 10 फीट चौड़ा बताया गया। इसी रास्ते से रोजाना 20 से 25 स्कूली वाहन गुजरते हैं।
मौके पर पहुंचे सपा नेता नितिन कोहली ने गड्ढे में उतरकर उसकी गहराई दिखाते हुए प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि वह ‘पाताल लोक’ में जाकर स्मार्ट सिटी का विकास तलाश रहे हैं, लेकिन यहां भी विकास नजर नहीं आ रहा। जहां यह सड़क धंसी, उससे करीब 10 मीटर की दूरी पर एक महीने पहले सड़क धंसकर गड्ढा हो गया था।





















