हाथरस। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर-आईएआरआई), नई दिल्ली के सस्य विज्ञान संभाग द्वारा मारुति सुज़ुकी इंडिया लिमिटेड के सहयोग से रविवार को ग्राम गोहाना, सासनी स्थित रोशन फार्म हाउस में “किण्वित जैविक खाद (एफओएम) से मृदा स्वास्थ्य, आय वृद्धि एवं पर्यावरण संतुलन” विषय पर एक दिवसीय किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के लगभग 170 किसानों, कृषि वैज्ञानिकों एवं विभागीय अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आईसीएआर-आईएआरआई के सस्य विज्ञान संभाग के अध्यक्ष एवं परियोजना समन्वयक डॉ. संजय सिंह राठौर ने कहा कि किण्वित जैविक खाद (एफओएम) मृदा स्वास्थ्य को बेहतर बनाने, खेती की लागत कम करने तथा किसानों की आय बढ़ाने का वैज्ञानिक एवं प्रभावी माध्यम है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ टिकाऊ एवं आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया।
वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सुभाष बाबू ने मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि स्वस्थ मिट्टी ही बेहतर उत्पादन और दीर्घकालिक कृषि समृद्धि की आधारशिला है। वहीं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि एफओएम के नियमित उपयोग से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है, जिससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादकता बढ़ने के साथ किसानों की लागत भी घटती है।
कृषि विभाग हाथरस के एसएमएस निवास पचौरी ने उत्तर प्रदेश सरकार की कृषि अनुदान एवं किसान कल्याण योजनाओं की जानकारी दी। अनिल कुमार ने समेकित कीट एवं रोग प्रबंधन तथा आधुनिक पौध संरक्षण तकनीकों पर किसानों को जागरूक किया।
विजन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स, अलीगढ़ के कृषि विभागाध्यक्ष डॉ. शुभम ओझा ने सीमित जल एवं भूमि संसाधनों के संरक्षण पर अपने विचार रखे। प्रगतिशील किसान प्रवीण प्रताप सिंह ने अपने अनुभव साझा करते हुए किसानों को जैविक खेती और नई कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का संचालन रामेश्वर पाण्डेय ने किया, जबकि व्यवस्थाओं में हरीश कुमार एवं कृष्णकांत सारस्वत का विशेष योगदान रहा। अंत में मुकेश कुमार यादव ने सभी अतिथियों, वैज्ञानिकों एवं किसानों का आभार व्यक्त किया।
गोष्ठी के समापन पर आयोजित किसान-वैज्ञानिक संवाद सत्र में किसानों की शंकाओं का समाधान किया गया। उपस्थित किसानों ने अपने खेतों में वैज्ञानिक सलाह को अपनाने तथा किण्वित जैविक खाद (एफओएम) के उपयोग को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
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किण्वित जैविक खाद से सुधरेगा मृदा स्वास्थ्य, बढ़ेगी किसानों की आय: हाथरस में किसान गोष्ठी आयोजित
Rahul Gaur 📍 Mathura
राहुल गौड एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उत्तर प्रदेश के जनपद मथुरा में सक्रिय रहते हुए उन्होंने विभिन्न समाचार माध्यमों के लिए निष्पक्ष और प्रभावशाली रिपोर्टिंग की है। उनके कार्य में स्थानीय मुद्दों की गंभीर समझ और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता की झलक मिलती है।





















