बेहतर शिक्षा, सुरक्षित भविष्य : 24,717 अनुदेशकों का सम्मान, सीएम ने सौंपे प्रतीकात्मक चेक
बेसिक शिक्षा को मजबूती देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम, अनुदेशकों के सम्मान से बढ़ेगा शिक्षा का स्तर
जिला नजर व्यूरो चीफ संजय भारद्वाज
अलीगढ़। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 में समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत कार्यरत 24,717 अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में ऐतिहासिक वृद्धि किए जाने के उपलक्ष्य में रविवार को लोक भवन में भव्य अनुदेशक सम्मान समारोह एवं चेक वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मा. मुख्यमंत्री जी ने अंशकालिक अनुदेशकों का सम्मान करते हुए प्रतीकात्मक रूप से चेक वितरित किए।
कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर में कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया गया, जिसे बड़ी संख्या में अनुदेशकों, शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने देखा। कार्यक्रम के दौरान अनुदेशकों में विशेष उत्साह देखने को मिला और उन्होंने प्रदेश सरकार के निर्णय का स्वागत किया।
मा. मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने घोषणा की कि अप्रैल 2026 से प्रदेश के 24,717 अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय रुपया 9,000 प्रतिमाह से बढ़ाकर रुपया 17,000 प्रतिमाह कर दिया गया है।
इसके साथ ही शिक्षामित्रों, अनुदेशकों एवं शिक्षकों को रुपया 5 लाख तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा के साथ महिला अंशकालिक अनुदेशकों को मानदेय सहित छह माह का मातृत्व अवकाश भी सुविधा भी प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बेहतर शिक्षा ही उन्नत भविष्य की आधारशिला है। शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक नई पीढ़ी के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सरकार उनके सम्मान, सुरक्षा और सुविधाओं के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 24,296 अनुदेशक शिक्षण कार्य कर रहे हैं। वर्ष 2022 में मानदेय में रुपया 2,000 की वृद्धि की गई थी और अब लगभग दोगुनी वृद्धि करते हुए इसे रुपया 17,000 किया गया है।
उन्होंने बेसिक शिक्षा में हुए व्यापक सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं बढ़ी हैं, छात्र संख्या में वृद्धि हुई है और ड्रॉपआउट दर घटकर 3 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जिसे शून्य तक लाने का लक्ष्य है।
मा. उप मुख्यमंत्री जी ने कहा कि माध्यमिक और उच्च शिक्षा की मजबूती का आधार बेसिक शिक्षा है। शिक्षक राष्ट्र निर्माता होते हैं और सरकार शिक्षकों के सम्मान से कभी समझौता नहीं करेगी। कार्यक्रम में मा0 उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य, श्री संदीप सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
प्रदेश सरकार में मंत्री बनाए जाने के बाद प्रथम बार अलीगढ़ आगमन पर मा. राज्य मंत्री श्री सुरेंद्र दिलेर का कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर में भव्य स्वागत किया गया। अनुदेशक सम्मान एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी का यह निर्णय ऐतिहासिक है, जिससे अनुदेशकों का मनोबल बढ़ेगा और वे अधिक उत्साह के साथ विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करेंगे।

उन्होंने कहा कि सरकार हर वर्ग के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश का सम्मान बढ़ा है, राम मंदिर निर्माण हुआ है, धारा 370 हटाई गई है और 36.81 लाख आवासहीन परिवारों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने बताया कि डीबीटी के माध्यम से योजनाओं की धनराशि सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाई जा रही है।
कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती विजय सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षकों के हितों की रक्षा के साथ शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। एमएलसी डॉ0 मानवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि यह निर्णय शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत हजारों परिवारों के लिए राहत लेकर आया है। यह निर्णय सरकार की संवेदनशील सोच को दर्शाता है।
मा.विधायक कोल अनिल पाराशर ने कहा कि मानदेय बढ़ने से अनुदेशकों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वह विद्यार्थियों को और अधिक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करेंगे। जिला अध्यक्ष श्री कृष्ण पाल सिंह ने कहा कि प्रदेश के मुखिया ने आपकी पीड़ा को समझा और दूसरी बार मानदेय को बढ़ाने का कार्य किया है। जिला महामंत्री शिवनारायण शर्मा ने कहा कि सरकार हर कदम पर राष्ट्र निर्माताओं के साथ खड़ी है। ब्लॉक प्रमुख श्री दिवाकर गौड़ ने अनुदेशकों के बेहतर भविष्य की कामना की।
कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर में मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार, पीडी डीआरडीए भालचंद्र त्रिपाठी, बीएसए राकेश कुमार समेत अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि, शिक्षक संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सभी अतिथियों का स्मृति चिन्ह भेंट कर पटका पहनकर पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन के बाद अनुदेशकों ने मुख्यमंत्री एवं प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय उनके आर्थिक सशक्तिकरण, सामाजिक सम्मान और सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा।





















