दैनिक जिला नजर संवाददाताफतेहाबाद आगरा 29 अप्रैल
निबोहरा क्षेत्र के गांव लोकस में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के सप्तम दिवस पर वृंदावन से पधारे पुराण मनीषी आचार्य कौशिक जी महाराज ने श्रद्धालुओं को धर्म, प्रेम और सदाचार का संदेश दिया।उन्होंने कहा कि मनुष्य को सदैव सज्जनों के साथ मधुर व्यवहार करना चाहिए। जो लोग भले लोगों से ईर्ष्या और द्वेष रखते हैं, वे समय से पहले ही नष्ट हो जाते हैं। भक्तों से द्वेष करने वाला व्यक्ति कभी सुखी नहीं रह सकता।
फतेहाबाद/आगरा। निबोहरा क्षेत्र के गांव लोकस में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के सप्तम दिवस पर वृंदावन से पधारे पुराण मनीषी आचार्य कौशिक जी महाराज ने श्रद्धालुओं को धर्म, प्रेम और सदाचार का संदेश दिया।उन्होंने कहा कि मनुष्य को सदैव सज्जनों के साथ मधुर व्यवहार करना चाहिए। जो लोग भले लोगों से ईर्ष्या और द्वेष रखते हैं, वे समय से पहले ही नष्ट हो जाते हैं। भक्तों से द्वेष करने वाला व्यक्ति कभी सुखी नहीं रह सकता।
आचार्य ने श्रीकृष्ण नाम की सार्थकता बताते हुए कहा कि वही सच्चा ‘कृष्ण’ है जो दूसरों को प्रेम दे, उजड़े हुए को बसाए, कष्टों का निवारण करे और धर्म के मार्ग पर चले। उन्होंने कहा कि हमें ऐसा कोई आचरण नहीं करना चाहिए जिससे किसी को दुख पहुंचे या उसे अपना घर-गांव छोड़ना पड़े। भगवान श्रीकृष्ण ने सदैव लोगों को बसाने और जोड़ने का कार्य किया, न कि उन्हें उजाड़ने का।
भाईचारे पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि भाई-भाई अलग रह सकते हैं, लेकिन उनके दिल कभी अलग नहीं होने चाहिए। विपत्ति के समय एक-दूसरे का सहारा बनना ही सच्चा धर्म है। संपत्ति का बंटवारा हो सकता है, लेकिन संकट का सामना मिलकर करना चाहिए।कथा के समापन पर परीक्षित निहाल सिंह, मनोहर सिंह व रामराज ने आरती उतारी।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया, पूर्व मंत्री राम सकल गुर्जर, मधुसूदन शर्मा पूर्व विधायक, सुग्रीव चौहान पूर्व ब्लाक प्रमुख, भाजपा नेता सोनू शर्मा, समाजसेवी शिशुपाल सिंह धाकरे, नीरू प्रधान व भाजपा नेता डॉ. अतुल कुलश्रेष्ठ सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।























