जिला नजर ब्यूरो चीफ संजय भारद्वाज
अलीगढ़। शहर में “स्मार्ट सिटी” के दावों के बीच एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। सिविल लाइंस क्षेत्र के तिकोना पार्क के पास अख्तर टी स्टाल के निकट सफाई कर्मियों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के सीवर में उतारा जाता हुआ देखा गया।
बताया जा रहा है कि दिनांक 21 अप्रैल 2026 को शाम करीब 5:52 बजे यह स्थिति सामने आई, जहां मजदूर बिना दस्ताने, जूते और मास्क के गंदे पानी और सीवर में काम कर रहे थे। यह हालात न केवल गंभीर लापरवाही को दर्शाते हैं, बल्कि मजदूरों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ भी है।

स्थानीय स्तर पर यह भी बताया गया कि संबंधित ठेकेदार का कहना है कि “हर आधे घंटे में उतरना पड़ता है, इसलिए किट उपलब्ध नहीं कराई जा सकती।” हालांकि यह तर्क नियमों और मानवाधिकारों के लिहाज से पूरी तरह अस्वीकार्य माना जा रहा है।
गौरतलब है कि Prohibition of Employment as Manual Scavengers and their Rehabilitation Act, 2013 के तहत बिना सुरक्षा उपकरण के इस तरह सीवर में मजदूरों को उतारना प्रतिबंधित है और यह दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।

अब सवाल सीधे अलीगढ़ नगर निगम और संबंधित अधिकारियों से उठ रहा है कि क्या मजदूरों की सुरक्षा की कोई जिम्मेदारी तय नहीं है? क्या “स्मार्ट सिटी” के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं?
यह मामला प्रशासनिक जवाबदेही और श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। आवश्यकता है कि संबंधित विभाग तत्काल संज्ञान लेकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करे और मजदूरों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए।























