आगरा। विश्व प्रसिद्ध ताजमहल परिसर में रविवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब पश्चिमी गेट के पास एक महिला पर्यटक अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी। मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया, लेकिन आगरा पुलिस की क्विक रिस्पॉन्स टीम ने तत्परता दिखाते हुए महिला को तत्काल सहायता पहुंचाई और एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भिजवाकर उसकी जान बचा ली।
जानकारी के अनुसार, कोलकाता से आई 55 वर्षीय महिला ताजमहल घूमने आई थीं। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और वह बेहोश हो गईं। पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन टूरिस्ट डिलाइट” के तहत तैनात टीम ने बिना देर किए मौके पर पहुंचकर प्राथमिक मदद दी और उपचार सुनिश्चित कराया। समय पर मिली सहायता से एक बड़ी अनहोनी टल गई। महिला के परिजनों ने आगरा पुलिस की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए आभार जताया।
यह पूरा अभियान पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है, जिसमें पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
हालांकि इस घटना के बाद ताजमहल के आसपास स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। हैरानी की बात यह है कि महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित डिस्पेंसरी लंबे समय से बंद पड़ी है। स्थानीय समिति के सदस्य इसे खुलवाने के लिए वर्षों से प्रयासरत हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला है।
रोजाना हजारों देशी-विदेशी पर्यटक ताजमहल का दीदार करने पहुंचते हैं, ऐसे में प्राथमिक चिकित्सा सुविधा का अभाव किसी भी आपात स्थिति में गंभीर खतरा बन सकता है। स्थानीय लोगों और पर्यटन से जुड़े लोगों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि बंद पड़ी डिस्पेंसरी को तत्काल चालू किया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति में समय रहते इलाज मिल सके।
इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि विश्वस्तरीय धरोहर के पास बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं कब तक उपेक्षा का शिकार बनी























