• अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर न्याय की गुहार लगाती बेबस महिला
•सांत्वना के नाम पर महिला को न्याय की जगह मिली दुत्कार
कौशांबी। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के सामने सरस महोत्सव के दौरान एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। चरवा थाना क्षेत्र के मलाक नगर निवासी आशा देवी ने अपने तीन बच्चों- आन्या, जानवी और प्रियांशु- के साथ मंच पर चढ़ने का प्रयास किया। गोद में बेटे प्रियांशु को लिए आशा ने हाथ जोड़कर गुहार लगाई, “मुझे न्याय चाहिए। मेरे पति पवन की हत्या कर दी गई है।” आशा ने आरोप लगाया कि हत्या के बाद पुलिस एक बार भी उनके घर जांच के लिए नहीं पहुंची। साथ ही, उन्होंने दावा किया कि पुलिस मामले को शराब पीकर मौत का मामला बता रही है।
घटना शनिवार को सयारा मैदान में आयोजित दो दिवसीय सरस महोत्सव के समापन के दौरान हुई। डिप्टी सीएम मंच से उतर ही रहे थे, जब आशा और उनके परिजन मंच के पास पहुंचे। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक लिया, लेकिन आशा नीचे से ही चिल्लाईं। मौर्य ने सहानुभूति जताते हुए कहा, “एक एप्लीकेशन दे दीजिए, अभी कार्रवाई कराई जाएगी।” आशा ने जवाब दिया कि एप्लीकेशन पहले ही भेज चुकी हैं, मोबाइल में उपलब्ध है। एक साथ आई महिला ने भी पुष्टि की कि पवन का मर्डर हुआ है। मौर्य ने फिर कहा, “एक घंटे में लिखित एप्लीकेशन लेकर आइए, कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।”
महिला के बार-बार जिद करने पर डिप्टी सीएम थोड़े झुंझलाए और सुरक्षाकर्मियों को इशारा किया। इसके बाद आशा, उनके बच्चों और परिजनों को जबरन हटा दिया गया। इससे मंच के आसपास कुछ देर अफरा-तफरी मच गई। मौर्य बिना रुकावट के अगले कार्यक्रमों के लिए रवाना हो गए। आशा की पहचान बिरहिबाद गांव की निवासी के रूप में हुई है।
यह घटना ग्रामीण न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़ी करती है। आशा के पति पवन की हत्या कब की गई, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी, लेकिन पीड़िता का दर्द साफ झलक रहा था। जिला प्रशासन ने अभी कोई बयान नहीं दिया है। सरस महोत्सव, जो महिलाओं के सशक्तिकरण पर केंद्रित था, इस घटना से एक कड़वी सच्चाई उजागर कर गया- योजनाओं के बीच न्याय की आस भी बाकी है।























