आगरा: शहर में साइबर ठगी का एक और बड़ा मामला सामने आया है, जहां ऑनलाइन ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का लालच देकर एक युवक से 23 लाख 55 हजार रुपये ठग लिए गए। आरोप है कि ठगों ने फेसबुक पर महिला की फर्जी प्रोफाइल बनाकर पहले दोस्ती की और फिर व्हाट्सएप ग्रुप व फर्जी ट्रेडिंग वेबसाइट के जरिए निवेश कराने का जाल बिछाया।
ऐसे रचा गया ठगी का जाल
पीड़ित युवक के अनुसार, कुछ सप्ताह पहले उसकी फेसबुक पर एक महिला प्रोफाइल से बातचीत शुरू हुई। धीरे-धीरे नियमित चैटिंग होने लगी। बातचीत के दौरान महिला ने खुद को सफल ऑनलाइन ट्रेडर बताते हुए कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का दावा किया।
इसके बाद युवक को एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां अन्य सदस्य ट्रेडिंग से भारी लाभ कमाने के स्क्रीनशॉट साझा करते दिखाई दिए। ग्रुप में मौजूद कथित ‘ट्रेडिंग एक्सपर्ट’ ने युवक को एक लिंक भेजकर फर्जी ट्रेडिंग वेबसाइट पर अकाउंट खुलवाया।
22 ट्रांजैक्शन में निकाली गई 23.55 लाख की रकम
शुरुआत में युवक से छोटी रकम निवेश कराई गई और वेबसाइट पर मुनाफा दिखाया गया। भरोसा बढ़ने पर उससे अलग-अलग बैंक खातों में कई बार रकम ट्रांसफर कराई गई।
कुल 22 ट्रांजैक्शन के जरिए युवक के खाते से 23 लाख 55 हजार रुपये निकाल लिए गए। वेबसाइट पर बैलेंस बढ़ता हुआ दिखाया जाता रहा, लेकिन जब युवक ने रकम निकालने की कोशिश की तो टैक्स और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर और पैसे मांगे गए। इसके बाद उसे ठगी का अहसास हुआ।
साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज
पीड़ित ने साइबर क्राइम थाना आगरा में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस संबंधित बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है और ट्रांजैक्शन डिटेल की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की अपील
साइबर विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अनजान प्रोफाइल के झांसे में आकर निवेश न करें। किसी भी ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता और पंजीकरण की जांच जरूर करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और निजी बैंकिंग जानकारी साझा करने से बचें।





