आगरा: जिले में ट्रांसपोर्ट बिजनेस शुरू कराने के नाम पर 9 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उसे फर्जी फैक्ट्री कॉन्टैक्ट दिखाकर कारोबार में उतारा गया और बाद में लाखों रुपये ऐंठकर आरोपी फरार हो गया। मामले में सिकंदरा थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित इशांत चौधरी के अनुसार, अमित कुमार लाटा ने खुद को कई फैक्ट्रियों और कंपनियों से जुड़ा बताते हुए ट्रांसपोर्ट का बड़ा काम दिलाने का भरोसा दिलाया। आरोप है कि आरोपी ने विभिन्न कंपनियों के फर्जी या संदिग्ध कॉन्टैक्ट दिखाकर विश्वास में लिया और ट्रांसपोर्ट व्यवसाय शुरू कराने के नाम पर निवेश करवाया।
जीएसटी, ऑनलाइन और नकद से वसूले लाखों
शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने जीएसटी भुगतान, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और नकद माध्यम से करीब 9 लाख रुपये लिए। आरोप है कि काम दिलाने और भुगतान सुनिश्चित कराने का झांसा देकर लगातार पैसे मांगे गए।
पीड़ित का यह भी कहना है कि आरोपी बिल, जरूरी दस्तावेज और अन्य कागजात भी अपने साथ ले गया, जिससे अब उसे कानूनी और वित्तीय दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मिलीभगत का भी आरोप
इशांत चौधरी ने आरोप लगाया है कि इस पूरे मामले में कुछ कंपनियों के कर्मचारियों की भी संभावित मिलीभगत हो सकती है, जिन्होंने भरोसा दिलाने में भूमिका निभाई। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
मोबाइल बंद, संपर्क से बाहर
पीड़ित के अनुसार, 8 दिसंबर के बाद से अमित कुमार लाटा का मोबाइल फोन बंद है और वह संपर्क से बाहर है। कई प्रयासों के बावजूद जब संपर्क नहीं हो सका, तो अंततः सिकंदरा थाने में तहरीर दी गई।
मुकदमा दर्ज, जांच शुरू
सिकंदरा थाने में शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।





