
मथुरा। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की मथुरा यात्रा के दौरान आयोजित प्रेस वार्ता में उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब स्थानीय पत्रकारों ने जनपद में लगातार पत्रकारों पर दर्ज हो रहे मुकदमों और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए। पत्रकारों का आरोप रहा कि उनके सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, जिससे नाराजगी बढ़ गई।प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों ने मथुरा में पत्रकारों पर हो रही कार्रवाई, मुकदमों तथा अधिकारियों द्वारा पत्रकारों के फोन न उठाने का मुद्दा उठाया। पत्रकारों ने कहा कि कई प्रशासनिक अधिकारियों के सीयूजी नंबर तक रिसीव नहीं होते, जिससे आम जनता और मीडिया दोनों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
इसी बीच पुलिस चौकी और बिरला मंदिर के बीच संचालित शराब के ठेके को लेकर भी सवाल पूछा गया। इस सवाल पर माहौल अचानक गर्म हो गया। मौजूद पत्रकारों का आरोप है कि इस मुद्दे पर उपमुख्यमंत्री असहज दिखाई दिए और उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी।बताया जा रहा है प्रेस वार्ता में उस समय और अधिक असंतोष देखने को मिला जब उपमुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा, “जल्दी बोलो, मेरे पास समय नहीं है।” इस टिप्पणी के बाद कई पत्रकारों ने इसे मीडिया के प्रति असम्मानजनक व्यवहार बताते हुए नाराजगी जताई।पत्रकारों ने आरोप लगाया कि जनपद में लगातार पत्रकारों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हो रहे हैं, लेकिन इस गंभीर विषय पर भी उपमुख्यमंत्री ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। इसे लेकर प्रेस वार्ता में मौजूद मीडिया कर्मियों ने विरोध दर्ज कराया और कई पत्रकारों ने कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया।घटना के बाद पत्रकारों के बीच प्रशासनिक कार्यशैली और मीडिया के प्रति व्यवहार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय पत्रकार संगठनों ने भी पूरे घटनाक्रम पर नाराजगी जताते हुए पत्रकारों की समस्याओं को गंभीरता से लेने की मांग की है।





















