गोविन्द पाराशर– संवाददाता आगरा
आगरा। थाना ताजगंज क्षेत्र में आरके पुरम से पकड़े गए फर्जी कॉल सेंटर में नौकरी दिलाने के नाम पर देशभर के लोगों से ठगी की जा रही थी। कॉल सेंटर संचालक पंद्रह राज्यों के तीन हजार से ज्यादा लोगों को ठग चुके थे। ताजनगरी में दो साल से यह ठगी चल रही थी। प्रारंभिक जांच में करीब दो करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का खुलासा हुआ।
पुलिस ने विगत रात्रि आरके पुरम स्थित फर्जी कॉल सेंटर से दो युवकों और दो युवतियों की हिरासत में लिया था।पकडे़ गए आरोपी युवक अजय निवासी जौनपुर व तरुण निवासी छपरा (बिहार) हैं। इन्होंंने दो युवतियों को नौकरी पर रखा हुआ था, जो कॉलिंग और कस्टमर हैंडलिंग का काम करती थीं। युवतियों के जरिए ही देशभर के लोगों से संपर्क किया जाता था।
डीसीपी आदित्य कुमार ने रविवार को मीडिया को बताया कि कॉल सेंटर के संचालक भोले-भाले लोगों को अच्छा वेतन दिलाने के नाम पर फंसाते थे, फिर रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर रकम वसूलते थे। इसके बाद उन्हें अलग-अलग पदों का लालच देकर अतिरिक्त पैसे मांगे जाते थे। जब पीड़ित पूरी तरह झांसे में आ जाते थे, तब फाइनल ज्वाइनिंग लेटर जारी करने के नाम पर भी मोटी रकम ऐंठी जाती थी।
पुलिस ने मौके से रजिस्टर, 32 बैंक पासबुक, 28 एटीएम कार्ड, आठ सिम कार्ड और 12 क्यूआर कोड मिले। पुलिस गिरोह के नेटवर्क और लेनदेन की गहराई से जांच कर रही है। जांच में सामने आया कि अभियुक्तगण आगरा से पहले दूसरे शहरों में भी इसी तरह का फर्जी कॉल सेंटर चलाते रहे हैं।





















