दिलशाद समीर संवाददाता
फतेहपुर सीकरी/आगरा। कस्बा बड़ी बगीची में शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन प्रख्यात कथावाचक राजकुमार शास्त्री महाराज ने भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना के साथ शिव महापुराण कथा सुनाते हुए बताया कि पुराणों में सर्वाधिक महत्वपूर्ण भगवान भोलेनाथ की शिव महापुराण है।
जिसमें भगवान शिव के विभिन्न रूपों ,शिव महिमा ,लीला ,अवतारों भक्तों व भक्ति का वर्णन किया गया है , साथ ही बताया कि अपने बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार दे , संस्कार होंगे तो सम्मान होगा , व्यास जी ने बताया कि जैसे बारिश नहीं होती वहां फसले नष्ट हो जाती है जहां संस्कार नहीं होता वहां नस्लें नष्ट हो जाती है ।
प्रख्यात कथावाचक राजकुमार शास्त्री ने आज व्यास पीठ से शिव महापुराण के माध्यम से बताया की शिवलिंग की उत्पत्ति कब क्यों और कैसे हुई शिवलिंग शिवजी कई स्वरूप है निराकार ब्रह्म के रूप में जाना जाता है शिवलिंग का पूजन कैसे करना चाहिए शिवलिंग के पूजन से जीव के सारे मनोरथ पूर्ण होते हैं।
बेलपत्र की उत्पत्ति एवं भगवान शंकर के रुद्राक्ष की उत्पत्ति के बारे में बताया कि रुद्राक्ष भगवान शंकर के नेत्र से निकले हुए आंसू का बना जिसे धारण करने से व्यक्ति यमराज की यात्राओं से मुक्ति पता है और अंत में भगवान के शिव धाम को प्राप्त करता है कथा में परीक्षित रज्जन शर्मा, डॉ राजवीर सिंह,हरि ओम मंगल ,पवन यादव ,विष्णु मित्तल,ऋषिकेश गुप्ता, रितेश शर्मा ,ईश्वर चंद्र शर्मा ,कालू पंडित ,अमित सिंघानिया, रमेश भगत देवेंद्र जजौली समेत बड़ी संख्या में भक्त व्यवस्थाओं में लगे हैं ।





















