अलीगढ़। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता के विरोध में सोमवार को बड़ी संख्या में शिक्षक जिला मुख्यालय पहुंचे और प्रदर्शन किया। प्रदर्शन अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आह्वान पर किया गया। प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने जिला मुख्यालय परिसर में एकत्र होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों का कहना है कि वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य नहीं था, लेकिन वर्ष 2017 में किए गए संशोधन के बाद पुराने शिक्षकों पर भी इसे लागू करने का प्रयास किया जा रहा है, जो अनुचित है।प्रदर्शनकारियों ने टीईटी की अनिवार्यता को काला कानून बताते हुए कहा कि वे किसी भी कीमत पर इसे लागू नहीं होने देंगे। उनका कहना है कि नियुक्ति के समय लागू नियमों के आधार पर ही उनकी सेवाएं ली गई थीं, इसलिए बाद में नियमों में बदलाव कर उन्हें प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए।शिक्षकों ने सरकार से मांग की कि वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से बाहर रखा जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर जिला मुख्यालय स्थित सिविल लाइन क्षेत्र में पुलिस बल तैनात रहा।





















