जिला नजर ब्यूरो चीफ संजय भारद्वाज
अलीगढ़। शहर में अवैध निर्माणों पर रोक लगाने के दावों के बीच अलीगढ़ विकास प्राधिकरण एडीए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, जिन निर्माणों को लेकर नोटिस जारी किए जा चुके हैं, उन स्थानों पर निर्माण कार्य अब भी जारी है। इससे आम नागरिकों में नाराजगी देखी जा रही है।जिसमें रजनी देवी के द्वारा लिखित रूप से शिकायत की गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना मानचित्र स्वीकृति के कमर्शियल भवनों का निर्माण नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है, लेकिन कार्रवाई के बजाय केवल पत्राचार तक ही सीमित रहने से सख्ती का अभाव नजर आता है। लोगों का आरोप है कि छोटे मामलों में तो त्वरित कार्रवाई होती है, जबकि बड़े व्यावसायिक निर्माणों पर अपेक्षित कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, संबंधित निर्माण के खिलाफ पहले ही नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद मौके पर मजदूरों की मौजूदगी और निर्माण सामग्री का उपयोग जारी है। इस संबंध में एडीए अधिकारियों का कहना है कि मामले में पुलिस प्रशासन से सहयोग मांगा गया है और आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

वहीं नागरिकों का कहना है कि यदि निर्माण अवैध घोषित हो चुका है तो उसे मौके पर रुकवाने के लिए प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए थी। उनका आरोप है कि अवैध निर्माणों के चलते शहर का योजनाबद्ध विकास प्रभावित हो रहा है और भविष्य में ट्रैफिक, पार्किंग तथा सुरक्षा संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बिना स्वीकृत मानचित्र के बहुमंजिला और व्यावसायिक भवनों के निर्माण की चर्चाएं भी तेज हैं। नियमों के अनुसार किसी भी कमर्शियल निर्माण से पूर्व नक्शा पास कराना अनिवार्य है। ऐसे में संबंधित विभाग की भूमिका पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि अवैध निर्माणों के विरुद्ध पारदर्शी और सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि शहर में योजनाबद्ध और सुरक्षित विकास सुनिश्चित हो सके।





















