मुरैना/मप्र: कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देशन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी के मार्गदर्शन में सोमवार को मिशन वात्सल्य के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 तथा पॉक्सो अधिनियम, 2012 के तहत बाल संरक्षण की अवधारणा, प्राथमिकताएं एवं बाल शोषण से संबंधित विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण में शौर्य दीदी, नव नियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा पुलिस विभाग के बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष श्रीमती पूनम दंडोतिया एवं समिति के सदस्य, किशोर न्याय बोर्ड, किशोर पुलिस इकाई, बाल कल्याण पुलिस इकाई, बाल देखरेख संस्थाओं के प्रतिनिधि, जिला बाल संरक्षण इकाई के कर्मचारी, परियोजना अधिकारी शहरी श्री गौरव दुबे, ग्रामीण श्रीमती निशा शंखवार, वन स्टॉप सेंटर प्रशासक श्रीमती अपूर्वा चौधरी, मास्टर प्रशिक्षक श्री बृजराज शर्मा एवं श्रीमती नीता परमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में बताया गया कि बच्चों के विरुद्ध बढ़ रहे यौन उत्पीड़न एवं हिंसा की घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से शौर्य दीदी की संकल्पना लागू की गई है। इसके तहत संबंधित कार्यकर्ताओं को बाल कानूनों एवं नियमों की जानकारी होना आवश्यक है, ताकि समय रहते बालिकाओं के शोषण की घटनाओं को सामने लाकर उन्हें रोका जा सके।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बच्चों के साथ व्यवहार में संवेदनशीलता, सहानुभूति एवं गरिमापूर्ण संवाद बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही यह बताया गया कि प्रत्येक बच्चा देखरेख एवं संरक्षण का अधिकारी है।कार्यशाला में लगभग 100 प्रतिभागियों ने सहभागिता की।
- रिपोर्ट – जिला ब्यूरो चीफ मुरैना मुहम्मद इसरार खान





