जिला नजर ब्यूरो
अलीगढ़। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की मा. याचिका समिति के सभापति श्री अशोक अग्रवाल के सभापतित्व में गुरुवार को कलैक्ट्रेट सभागार में अलीगढ़ एवं एटा जिलों के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक का उद्देश्य विभिन्न जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रेषित याचिकाओं, जनसमस्याओं, विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा करना रहा।
बैठक प्रारम्भ होने से पूर्व जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने मा. सभापति अशोक अग्रवाल सहित समिति के सम्मानित सदस्यों का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। समीक्षा के दौरान एटा जिले के सभी जिलास्तरीय अधिकारियों की अनुपस्थिति पर सभापति ने गहरी नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने इसे अत्यंत गंभीर विषय बताते हुए कहा कि विधान परिषद की समितियों की बैठकों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने निर्देशित किया कि आगामी लखनऊ बैठक में संबंधित सभी अधिकारी प्रत्येक बिंदु से संबंधित अभिलेखों, तथयों एवं साक्ष्यों सहित अनिवार्य रूप से उपस्थित हों, ताकि प्रकरणों का प्रभावी एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके। इसके उपरांत एटा जनपद से संबंधित बिंदुओं की समीक्षा स्थगित कर दी गई।
अलीगढ़ जिले की समीक्षा में मा. विधान परिषद सदस्यों के 11 प्रकरण समिति के समक्ष संज्ञानित हुए जिनमें से 06 प्रकरणों में संबंधित अधिकारियों द्वारा कार्य पूर्ण होने के संबंध में साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।
जिस पर मा. सभापति से उक्त प्रकरणों को निस्तारण की श्रेणी में शामिल करते हुए सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि मा. जनप्रतिनिधियांे की जिन याचिकाओं के क्रम में अधिकारी कार्य कराएं उसके विषय में संबंधित जनप्रतिनिधि को अवश्य अवगत करा दिया जाए ताकि प्रकरण की पृथक से समीक्षा करने की आवश्यकता न पड़े। मा. सभापति ने शेष प्रकरणों पर जनहित को प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
सभापति ने जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि जनप्रतिनिधियों एवं विधान परिषद, विधानसभा समितियों से प्राप्त पत्रों के त्वरित निस्तारण एवं प्रभावी अनुश्रवण के लिए कलेक्ट्रेट स्तर पर एक पृथक डेस्क अथवा नोडल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे पत्रों पर त्वरित कार्यवाही के साथ उनकी नियमित मॉनिटरिंग भी हो सके।
सभापति अशोक अग्रवाल ने कहा कि जनप्रतिनिधि जनता और शासन के मध्य एक महत्वपूर्ण सेतु होते हैं। जनप्रतिनिधियों द्वारा विकास कार्यों, निर्माण परियोजनाओं एवं शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में जो भी पत्र संबंधित विभागों को भेजे जाते हैं, उनका गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ निस्तारण किया जाना प्रत्येक अधिकारी का दायित्व है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई की सूचना संबंधित जनप्रतिनिधियों को समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
समिति सदस्य एवं मा. एमएलसी रजनीकांत माहेश्वरी ने कहा कि सरकार की मंशा है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े पात्र व्यक्तियों तक पहुंचे। योजनाओं का प्रभाव तभी सार्थक होगा जब पात्र गरीबों, किसानों, श्रमिकों एवं जरूरतमंदों के जीवन स्तर में वास्तविक सुधार दिखाई दे।
मा. सदस्य विधान परिषद चौधरी ऋषिपाल सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि जनहित से जुड़े प्रकरणों के निस्तारण में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं संवेदनशीलता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अधिकारी यदि समयबद्ध कार्यप्रणाली अपनाएं तो अधिकांश जनसमस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही संभव है। मा0 सदस्य विधान परिषद प्रो0 तारिक मंसूर ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि जनता को योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के प्राप्त हो।
इसके लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और नियमित समीक्षा आवश्यक है। मा0 विधायक छर्रा ठा0 रवेन्द्रपाल सिंह ने अधिकारियों से अपेक्षा करते हुए कहा कि वे जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए विषयों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करें।
बैठक के समापन पर जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने मा0 सभापति एवं समिति के सभी सम्मानित सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समिति द्वारा दिए गए सुझाव, निर्देश एवं मार्गदर्शन जिले के समग्र विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी निर्देशों का प्राथमिकता के आधार पर अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा।
बैठक में एसएसपी नीरज कुमार जादौन, सीडीओ योगेन्द्र कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट अतुल गुप्ता, पीडी भाल चन्द त्रिपाठी, सीएमओ डा0 नीरज त्यागी, डीएसटीओ ए0के0 दीक्षित, डीपीआरओ यतेन्द्र सिंह समेत पीडब्लूडी, जिला पंचायत, विद्युत एवं अन्य विभागीय अधिकारीगण सहित विधायी शासन से निजी सचिव सर्वेश चन्द्र गुप्ता, समीक्षा अधिकारी रमेंद्र भाई पटेल, सौरभ सिंह, प्रतिवेदक ब्रजेश यादव उपस्थित रहे।





















