कसगंज: पटियाली विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व सदस्य शिक्षा सेवा आयोग प्रोफेसर नीरज किशोर मिश्रा को पटियाली कोतवाली पुलिस ने बुधवार को न्यायालय द्वारा जारी गैर जमानती वारंट के आधार पर गिरफ्तार कर लिया। उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से शाम को अंतरिम जमानत मिल गई।
गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही भाजपा जिलाध्यक्ष, अमांपुर विधायक समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता थाने पहुंच गए और धरने पर बैठ गए। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए थाना प्रभारी और अपराध निरीक्षक के निलंबन की मांग की गई। स्थिति को देखते हुए एएसपी और सीओ पटियाली सहित कई थानों का फोर्स मौके पर तैनात रहा।
क्या है मामला?
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2020 में हाथरस दुष्कर्म प्रकरण के दौरान एक अक्तूबर को प्रो. मिश्रा ने, उस समय समाजवादी पार्टी में रहते हुए, वाल्मीकि समाज के साथ बैठक की थी। आरोप है कि बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी।
इस संबंध में भाजपा सभासद वीरेंद्र कुमार गुप्ता ने 11 दिसंबर 2020 को पटियाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है।
वारंट पर हुई गिरफ्तारी
न्यायालय में उपस्थित न होने पर प्रो. मिश्रा के खिलाफ पूर्व में गैर जमानती वारंट जारी किए गए थे। पुलिस के अनुसार, लंबे समय से न्यायालय में पेशी न होने के कारण बुधवार दोपहर उन्हें नगर पंचायत कार्यालय से गिरफ्तार किया गया और न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
कोर्ट से उन्हें अंतरिम जमानत मिल गई है। अब मामले में अगली सुनवाई 7 मार्च को निर्धारित है।
थाने में धरना और हंगामा
गिरफ्तारी की सूचना पर भाजपा जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा ने पुलिस अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया। फोन रिसीव न होने पर कार्यकर्ता को थाने भेजा गया। आरोप है कि इस दौरान एक पुलिस अधिकारी द्वारा कार्यकर्ता के साथ अभद्र व्यवहार किया गया।
इसके बाद जिलाध्यक्ष समर्थकों के साथ थाने पहुंचे और धरने पर बैठ गए। उन्होंने स्वयं को भी गिरफ्तार करने की मांग की और संबंधित पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठाई। देर शाम तक थाने में धरना जारी रहा।
एसपी का बयान
एसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि वर्ष 2020 के मामले में न्यायालय द्वारा गैर जमानती वारंट जारी किया गया था। न्यायालय में हाजिर न होने पर पुलिस ने वारंट के अनुपालन में कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की और आरोपी को कोर्ट में पेश किया।

