मुरैना: कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जल जीवन मिशन (JJM) के अंतर्गत संचालित नल-जल योजनाओं की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, स्कीम कम्प्लीशन, हैंडओवर स्थिति, एफएचटीसी (Functional Household Tap Connection) लक्ष्य, लंबित कार्यों, भुगतान प्रकरणों तथा फील्ड स्तर की समस्याओं की विस्तार से समीक्षा हुई।
कलेक्टर ने पाइपलाइन बिछाने के दौरान त्रिस्तरीय (थ्री-लेयर) गुणवत्ता जांच को अनिवार्य बताया। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्रियों को निर्देश दिए कि वे स्वयं फील्ड पर जाकर सैंपल जांच करें और प्रत्येक स्तर पर कार्य की गुणवत्ता का परीक्षण सुनिश्चित करें। प्रत्येक मीटर की दूरी पर टीम आधारित निरीक्षण व्यवस्था लागू करने के सख्त निर्देश दिए गए, ताकि पाइपलाइन कार्य पूर्णतः गुणवत्तापूर्ण और तकनीकी मानकों के अनुरूप हो।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में पेयजल समस्या वाले क्षेत्रों या भविष्य में समस्या उत्पन्न होने की संभावना वाले इलाकों में अधिकारी एवं कर्मचारी अनिवार्य फील्ड विजिट करें और समस्याओं का त्वरित एवं स्थायी निराकरण सुनिश्चित करें, जिससे आमजन को कोई असुविधा न हो।
बैठक में ग्राम आच्छादन की कार्ययोजना, एकल ग्राम नल-जल योजनाओं की प्रगति, पूर्ण एवं हस्तांतरण योग्य योजनाओं, प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त योजनाओं, पुनरीक्षित प्रस्तावों, रोड रिस्टोरेशन कार्यों तथा धरती आबा एवं पीवीटीजी बस्तियों में संचालित कार्यों की भी समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में नल कनेक्शन की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता पर तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। लंबित स्कीम कम्प्लीशन पर असंतोष जताते हुए संबंधित अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी कि लापरवाही पर विभागीय कार्रवाई होगी।
फील्ड मॉनिटरिंग को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कहा गया कि यदि कोई कर्मचारी कार्यस्थल पर अनुपस्थित पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
कलेक्टर ने जोर दिया कि जल जीवन मिशन एक महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य प्रत्येक घर तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है। सभी अधिकारी मिशन मोड में कार्य करें और 15 मार्च 2026 तक निर्धारित सभी लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करें, ताकि योजना का वास्तविक लाभ समय पर पात्र नागरिकों तक पहुंचे।
(राष्ट्रीय स्तर पर JJM के तहत फरवरी 2026 तक लगभग 81.68% ग्रामीण घरों में टैप कनेक्शन पहुंच चुके हैं, और मध्यप्रदेश में भी प्रगति तेज है, लेकिन स्थानीय स्तर पर गुणवत्ता और समयबद्धता पर फोकस बढ़ रहा है।)
- रिपोर्ट – जिला ब्यूरो चीफ मुरैना मुहम्मद इसरार खान


