लट्ठों की मार, रंगों की बौछार, परम्पराओं की लाठी और प्रेम का रंग- दिखता है बरसाना में अनोखा ढंग।

मथुरा रंगोत्सव 2026 के अंतर्गत बुधवार को ब्रज में होली की उमंग चरम पर दिखाई दी। बरसाना में आयोजित प्रसिद्ध लठामार होली ने जहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अद्भुत आनंद का अनुभव कराया, वहीं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने इस उत्सव को आध्यात्मिक ऊंचाई प्रदान की।
ब्रज की परंपरा के अनुरूप बरसाना में लड्डू होली के दूसरे दिन नंदगांव से आए हुरियारों पर गोपियों ने प्रेमपूर्वक लठ बरसाए। तंग गलियों में ढालों की ठक-ठक और लठों की गूंज के बीच रंग और गुलाल की बौछार होती रही। श्री राधारानी जी की नगरी “राधे-राधे” के जयघोष से गुंजायमान रही और देश-विदेश से आए श्रद्धालु इस अनूठी परंपरा के साक्षी बने।
माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी की मंशा के अनुरूप इस बार रंगोत्सव में सांस्कृतिक आयाम विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के तत्वावधान में श्री राधा बिहारी इंटर कॉलेज सहित विभिन्न मंचों पर ब्रज और आसपास से आए कलाकारों ने होली के पारंपरिक गीत, रसिया, भजन और लोकनृत्य प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिरस से सराबोर कर दिया।
प्रख्यात कलाकार अभिलाषा वर्मा, बनवारी लाल शर्मा, दीपिका शर्मा, जीतेन्द्र कुमार और कैलाश पियूष ने अपने कलाकार साथियों के साथ लोकसंगीत की प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों की प्रस्तुतियों में ब्रज की प्राचीन लोक परंपराओं, राधा-कृष्ण की लीलाओं और ग्रामीण जीवन की सजीव झलक दिखाई दी। स्ट्रीट परफॉर्मेंस कलाकारों की टोलियों ने गलियों और चौपालों में अपनी प्रस्तुतियों से होली के उल्लास को और विस्तार दिया। छोटे-छोटे मंचों पर ढोलक, मंजीरा और हारमोनियम की मधुर स्वर लहरियों के साथ जब रसिया गूंजे, तो श्रद्धालु भी झूम उठे। लट्ठों की मार, रंगों की बौछार, परम्पराओं की लाठी और प्रेम का रंग, दिखता है बरसाना में अनोखा ढंग।
ब्रज में बरसाना की लठामार होली सिद्ध करती है कि यहां की होली केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि लोककला, संगीत, आस्था और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उत्सव है, जो ब्रज की पहचान को विश्व पटल पर स्थापित करता है।
बरसाना की लठामार होली में श्रद्धालुओं, पर्यटकों एवं दर्शनार्थियों की सुविधाओं हेतु पुलिस-प्रशासन द्वारा निरंतर सीसीटीवी कंट्रोल रूम, वॉचटावर एवं ड्रोन के माध्यम से निगरानी की गई। सभी को सरल, सुगम एवं सुरक्षित दर्शन उपलब्ध कराने हेतु पुलिस-प्रशासन कटिबद्ध रहा। जगह जगह पर पुलिस अधिकारियों एवं मजिस्ट्रेटों की ड्यूटी लगाई गई थी, जिससे मेला सकुशल संपन्न हुआ।

राहुल गौड एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उत्तर प्रदेश के जनपद मथुरा में सक्रिय रहते हुए उन्होंने विभिन्न समाचार माध्यमों के लिए निष्पक्ष और प्रभावशाली रिपोर्टिंग की है। उनके कार्य में स्थानीय मुद्दों की गंभीर समझ और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता की झलक मिलती है।

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