लखनऊ/मथुरा। मनोज बाजपेयी अभिनीत प्रस्तावित वेब सीरीज ‘घूसखोर पंडत’ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में सीरीज के निर्देशक नीरज पांडे और उनकी टीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सीरीज का शीर्षक और प्रस्तुति एक विशिष्ट जाति, विशेषकर ब्राह्मण समाज की छवि को आहत करती है।
सीएम के संज्ञान के बाद कार्रवाई
पुलिस सूत्रों के अनुसार मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में आने के बाद दर्ज किया गया। इंस्पेक्टर विक्रम सिंह की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया है कि सीरीज की थीम और नामकरण से सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका है। पुलिस ने प्रकरण में जांच शुरू कर दी है।
प्रधानमंत्री को भी भेजी गई शिकायत
विवाद की गूंज दिल्ली तक पहुंच गई है। मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। वहीं प्रयागराज में अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के अध्यक्ष स्वामी ब्रह्माश्रम महाराज ने भी सीरीज पर आपत्ति जताते हुए प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
मेकर्स का बयान
विवाद बढ़ने और एफआईआर दर्ज होने के बाद निर्देशक नीरज पांडे की ओर से बयान जारी किया गया है कि वे दर्शकों की भावनाओं का सम्मान करते हैं। मेकर्स ने फिलहाल सीरीज से जुड़े टीजर और पोस्टर सहित सभी प्रमोशनल मटेरियल हटा लिए हैं। यह सीरीज इसी वर्ष एक ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज प्रस्तावित बताई जा रही है, जिसमें मनोज बाजपेयी, नुसरत भरूचा और श्रद्धा दास मुख्य भूमिकाओं में हैं।

